नई दिल्ली,
टाटा मोटर्स का लक्ष्य घरेलू यात्री वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को मुख्यधारा में लाने का है। अपनी इस योजना के तहत कंपनी ईवी श्रृंखला को मजबूत करने और साथ ही मौजूदा मॉडल के लिए मूल्य को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
मुंबई की यह प्रमुख वाहन कंपनी चालू वित्त वर्ष में हैरियर.ईवी और उसके बाद सिएरा.ईवी उतारने की तैयारी कर रही है। साथ ही कंपनी अपने मौजूदा मॉडल में भी कई तरह के सुधार करने की योजना बना रही है।
टाटा मोटर्स ने 2024-25 में करीब 65,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। यह आंकड़ा 2023-24 की तुलना में 10 प्रतिशत कम है।
तिमाही नतीजों के बाद निवेशक प्रस्तुतीकरण में कंपनी ने कहा, ''हम नए मॉडल के साथ ईवी पोर्टफोलियो को मजबूत करने जा रहे हैं। साथ ही मौजूदा मॉडल के लिए भी मूल्य बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।''
कंपनी का इरादा इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यधारा में लाने है। इसके लिए कंपनी बाजार विकास और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी। आंतरिक दहन इंजन यानी परंपरागत वाहन खंड पर, कंपनी ने कहा कि उसका लक्ष्य हैच और एसयूवी में उत्पाद में सुधार के साथ अपने सबसे मजबूत और सबसे नए पोर्टफोलियो का लाभ उठाना है।''
कंपनी का लक्ष्य व्यापक विपणन अभियान और ब्रांड जुड़ाव के माध्यम से ब्रांड के विचार को बढ़ाना है, ताकि ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।
टाटा मोटर्स ने कहा कि वह प्रमुख बाजारों में अपने बिक्री नेटवर्क का विस्तार करने की भी योजना बना रही है। इसके तहत बड़े आकार के फॉर्मेट स्टोर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी कठिन माहौल में प्रतिस्पर्धात्मकता और लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए लागत में कमी की दिशा में भी काम कर रही है।
वाणिज्यिक वाहन कारोबार के बारे में कंपनी ने कहा कि उसे बेड़े के उपयोग में सुधार और बेहद वृहद आर्थिक संकेतकों के साथ एक स्थिर धारणा की उम्मीद है। कंपनी ने कहा, ''हम वैश्विक बाधाओं के बावजूद निरंतर वद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।''
चालू वित्त वर्ष में कंपनी का ध्यान मूल्य सृजन के साथ-साथ ट्रक में एसी के विनियमन की ओर सुचारू तरीके से बदलाव सुनिश्चित करने पर है।

More Stories
Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी में जोरदार उछाल, MCX पर चांदी ₹2.28 लाख के पार; जानें अपने शहर के ताजा रेट
Amazon Great Freedom Sale शुरू, Samsung-Xiaomi समेत फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स पर बंपर डिस्काउंट
Crude Oil Price: होरमुज़ में अमेरिका की नो-एंट्री, ईरान के नए बिल से कच्चे तेल की कीमतों में फिर उबाल