लखनऊ
विश्वकर्मा श्रम सम्मान 2.0 व एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित अन्य योजनाओं का प्रचार ग्राम पंचायत स्तर तक किया जाएगा। इस संदर्भ में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
उन्होंने यह निर्देश भी दिए हैं कि कोई भी पात्र युवा, कारीगर, शिल्पकार या उद्यमी केवल जानकारी के अभाव में एमएसएमई विभाग की योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने गुरुवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) सहित विभाग की सभी योजनाओं का प्रचार ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर तक किया जाए।
उन्होंने प्रत्येक जिले में विशेष शिविर आयोजित कर युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित सत्यापन कराया जाए।
साथ ही प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों के स्वरोजगार की स्थिति का भी मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्रों (डीआईसी) को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत ऋण वितरण की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र युवाओं एवं उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।
साथ ही कहा कि विभागीय योजनाओं के लिए बजट की मांग, स्वीकृति एवं धनराशि के आवंटन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 25 से 29 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में एमएसएमई, ओडीओपी व पारंपरिक शिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए।

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