नई दिल्ली
केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे इंतज़ार के बाद अब आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को केंद्र ने आयोग की नियम और शर्तों (Terms of Reference) को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब आयोग अगले डेढ़ साल यानी 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
करीब 1 करोड़ से अधिक लोगों को होगा फायदा
इस फैसले से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनर्स प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। यह आयोग कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर, भत्ते, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों की समीक्षा करेगा और ज़रूरी सुधारों का सुझाव देगा।
जनवरी 2025 में हुई थी मंजूरी
आठवें वेतन आयोग के गठन को इस साल जनवरी में कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी थी। इसके बाद से मंत्रालयों, राज्य सरकारों और कर्मचारी संगठनों से लगातार सुझाव लिए जा रहे थे। अब जब आयोग की ToR तय हो गई है, तो इसके कामकाज की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
ऐसे तय होगी नई बेसिक सैलरी
कर्मचारियों की नई बेसिक पे तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाएगा।
फॉर्मूला होगा —
नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹25,500 है और फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है, तो उसकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग ₹72,930 तक पहुंच सकती है।
मंत्रालयों से मिले इनपुट
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, सरकार ने रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और राज्य सरकारों से इस संबंध में इनपुट मांगे थे। सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए आयोग का दायरा और जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
हर दशक में आता है बड़ा बदलाव
पारंपरिक रूप से हर 10 साल में एक नया वेतन आयोग गठित किया जाता है। पिछली बार यानी सातवां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना था और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई थीं। अब आठवां आयोग उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों के लिए नए वित्तीय ढांचे की रूपरेखा तैयार करेगा।

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