अलवर.
जानकारी के अनुसार मृतक बालक के चचेरे भाई बाबूलाल योगी ने बताया कि गिरिराज को 4 दिन पहले अचानक से तेज बुखार हुआ था। जिसको उपचार के लिए थानागाजी लेके गए, जहां 2 दिन तक उपचार चलने के बाद उसकी तबीयत में हलका सुधार आया था। जिसको कल देर शाम घर पर लेकर चले गए थे।
आज सुबह होते-होते उसको दोबारा से अचानक तेज बुखार चढ़ गया और उसके शरीर में सूजन तक आने लग गई, जिसको आज दोबारा थानागाजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया, लेकिन कुछ देर देखने के बाद डॉक्टरों ने बालक कीहालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल अलवर के लिए रेफर कर दिया। इधर, परिजन जब गिरिराज को अलवर जिला अस्पताल के लिए लेकर आ रहे थे तभी उसने अस्पताल से महज 5 किलोमीटर पहले ही दम तोड़ दिया। जैसे ही अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। बाबूलाल ने बताया कि भाई पहले बिल्कुल ठीक था, लेकिन अचानक से तेज बुखार हो गया था। जब हॉस्पिटल लेकर गये तो वहां काफी जांच के बाद डॉक्टरों ने डेंगू बुखार बताया था। मृतक गिरिराज छठी कक्षा में पढ़ाई करता था जो अपने पिता के इकलौता बेटा था। गिरिराज के एक बहन है, जो उससे छोटी है। गिरिराज के पिता श्रवण योगी खेती बाड़ी करके अपने घर परिवार का जीवन व्यापन करता है। कुल मिलाकर जिले में डेंगू से यह तीसरी मौत है।

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