चंडीगढ़
पंजाब के 'प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया' (पीएम एसएचआरआई) योजना से दोबारा जुड़ने के बाद केंद्र ने राज्य के 233 सरकारी हायर सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को अपग्रेड करने के लिए चुना है।
इन सरकारी स्कूलों का चयन चैलेंज मोड के जरिए किया गया है, जिसमें राज्य के 5,300 सरकारी स्कूलों ने हिस्सा लिया। चयन किए स्कूलों को एक समान, समावेशी और और आनंददायक स्कूल वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए' योजना के तहत चयनित स्कूलों को 'मिसाली स्कूल' के रूप में विकसित किया जाएगा। ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना को दर्शाते हुए मॉडल संस्थाओं के रूप में काम करेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2022 में 27,360 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत देश भर में 14,500 स्कूलों को पांच वर्षों में अपग्रेड करने की योजना है। पंजाब ने शुरुआत में अक्टूबर 2022 में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए लेकिन बाद में पिछले साल कार्यक्रम से हट गए। राज्य इस साल जुलाई में इस योजना में फिर से शामिल हुआ और फिर अपग्रेड के लिए स्कूलों की पहचान करने के लिए पिछले महीने आयोजित स्कूल चयन के चौथे चरण में भाग लिया। चयनित 233 स्कूलों में से अधिकतर बठिंडा, गुरदासपुर और पटियाला के हैं, जिनमें से 17-17 स्कूलों का चयन किया गया है।
इसके बाद जालंधर और लुधियाना में 15-15 स्कूल हैं, जबकि संगरूर और अमृतसर में 14 स्कूल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के साथ साझा की गई अंतिम सूची के अनुसार, फिरोजपुर, तरनतारन और एस.ए.एस. नगर के 10, मानसा के 9, पठानकोट और फाजिल्का के 8, श्री मुक्तसर साहिब के 7, बरनाला, फरीदकोट और मालेरकोटला के 6-6 और श्री फतेहगढ़ साहिब, एस.बी.एस. नगर और रूपनगर में प्रत्येक में 5 स्कूल हैं। पंजाब से चयनित स्कूलों की सूची में कोई प्राइमरी या एलीमेंट्री स्कूल नहीं है।

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