नई दिल्ली
केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और 2024 में हैदराबाद लोकसभा सीट से असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकीं कोम्पेला माधवी लता एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। इस बार, विवाद की वजह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वह वीडियो है, जिसे उन्होंने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रार्थना कक्ष में रिकॉर्ड किया है और वहीं से शेयर किया है। उन्होंने इस वीडियो को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) को भी टैग किया है।
इस वीडियो में कोम्पेला माधवी लता को एयर पोर्ट के प्रार्थना घर में "दुर्गा सूक्तम" का पाठ करते हुए देखा जा सकता है। कैमरे के फ्रेम में कमरे में बुर्का पहने कुछ महिलाएं भी दिखाई देती हैं। हवाई अड्डा के प्रेयर रूम में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो ने अब सियासी और सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि वीडियो समाप्त होते ही माधवी लता बिना किसी संवाद के बाहर चली जाती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किसी तरह का प्रत्यक्ष विवाद या टकराव नहीं दिखता, लेकिन इसके बावजूद इसने एक बड़ा विमर्श खड़ा कर दिया है। कोम्पेला माधवी लता द्वारा साझा किए गए इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रहीं हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट के मुताबिक, आलोचकों का कहना है कि एयरपोर्ट के प्रेयर रूम ‘शांत ध्यान और प्रार्थना’ के लिए बनाए जाते हैं, जहाँ ऊँची आवाज़ में मंत्रोच्चार और वीडियो रिकॉर्डिंग नियमों के खिलाफ है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने इस मुद्दे को उठाते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण से कार्रवाई की मांग की है। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि भारत एक बहुधर्मी देश है और प्रेयर रूम सभी धर्मों के लोगों के लिए खुले होते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने का पूरा अधिकार है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को किया टैग
कांग्रेस के सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के राष्ट्रीय समन्वयक, मोहम्मद वसीम ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करते हुए कहा, "कृपया कार्रवाई करें, क्योंकि प्रार्थना कक्ष केवल मौन प्रार्थना और ध्यान के लिए है। यह महिला नियमों को तोड़ रही है और आवाज और कैमरे के साथ प्रार्थना करके दूसरे लोगों को असहज कर रही है।" अभी मौजूदा केंद्र सरकार में TDP सांसद किंजरापु राम मोहन नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं।
2024 में भी हुआ था विवाद
बता दें कि ये वही माधवी लता हैं, जिन्होंने 2024 के चुनावों में AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ हैदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं पाईं, उन्हें विपक्षी नेताओं ने BJP के सबसे ज़्यादा ध्रुवीकरण करने वाले चेहरों में से एक कहा है। लोकसभा चुनावों से पहले 2024 में लता उस वक्त सुर्खियों और विवादों में आईं थी, जब वह हैदराबाद के पुराने शहर में राम नवमी की रैली में हिस्सा लेते हुए एक मस्जिद की तरफ तीर चलाने का इशारा करती हुई नजर आई थीं। बाद में उन्होंने मस्जिद की तरफ निशाना लगाने की बात से इनकार किया था और इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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