लीड्स
यूनाइटेड किंगडम (UK) के लीड्स शहर में बीती रात जमकर दंगा हुआ. बड़ी संख्या में लोग शहर के बीचोबीच इकट्ठा हुए और उत्पात मचाया. इन लोगों ने एक बस में आग लगा दी. पुलिस की गाड़ियों पर भी हमला किया गया. सोशल मीडिया पर वायरल घटना के वायरल वीडियो में दंगाइयों की भीड़ में बच्चों को भी देखा जा सकता है.
इन दंगों का कारण स्थानीय चाइल्ड केयर एजेंसी की ओर से बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर चाइल्ड केयर होम में रखना बताया जा रहा है. इसी के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे हैं.
वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस का कहना है कि लीड्स के हेयरहिल्स इलाके की लग्जर स्ट्रीट पर गुरुवार को स्थानीय समयानुसार पांच बजे लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी. इनमें कुछ बच्चे भी शामिल थे. लेकिन जल्द ही भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते दंगा होने लगा. हालांकि, इस हमले में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग पुलिस की कार पर हमला कर रहे हैं. भीड़ पुलिस वैन को पलटते दिखाई दे रहे हैं लेकिन इससे पहले उसकी खिड़कियों के शीशे तोड़े जा रहे हैं.
एक वीडियो में शख्स बस को आग लगाता दिखाई दे रहा है जबकि कुछ लोग कूड़ा फेंक रहे हैं. एक अन्य वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक बड़े फ्रीज को लाकर सड़क पर लगाई गई आग में झोंक रहे हैं. इन दंगों की वजह से कई सड़कें अवरुद्ध कर दी गई और लोगों को स्थिति नियंत्रित होने तक इस इलाके में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
यूके की गृह मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि लीड्स में फैली अशांति की खबरों से वह सकते में है. वह लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.
प्रत्यक्षदर्शी ने दंगे पर क्या कहा?
लीड्स शहर में अचानक भड़के इन दंगों पर 26 साल की रीसा ने बताया कि दंगा करने वाले लोग पुलिस की वैन पर भी हमला कर रहे हैं. वे पुलिस की वैन पर पत्थरों से लेकर ड्रिंक्स और कूड़ा जो भी मिल रहा है, वो फेंक रहे हैं.
रीसा ने बताया कि इस इलाके में दंगाइयों ने एक बस को घेर लिया. बस ड्राइवर ने वहां से बस को निकालने की बहुत कोशिश की लेकिन जब वह ऐसा नहीं कर पाया तो अपनी जान बचाने के लिए वह बस को वहीं छोड़कर भाग खड़ा हुआ.
गिप्टन और हेयरहिल्स की काउंसिलर सलमा आरिफ ने स्थानीय लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की है. उन्होंने वीडियो पोस्ट कर कहा कि हेयरहिल्स में फिलहाल स्थिति ठीक नहीं है.
क्यों हुए लीड्स में दंगे?
कहा जा रहा है कि स्थानीय चाइल्ड केयर एजेंसी की ओर से बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर चाइल्ड केयर होम में रखा जा रहा है. बीते कुछ दिनों में कई बच्चों को चाइल्ड केयर होम में रखा गया है. दरअसल अगर प्रशासन को लगता है कि परिजनों की देखरेख में किसी बच्चे की परवरिश सही तरीके से नहीं हो पा रही है तो ऐसे बच्चों को चाइल्ड केयर होम में रखा जाता है. इसी के विरोध में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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