उज्जैन
मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की पहली बैठक उज्जैन में होगी। बैठक में उज्जैन को तीर्थ नगरी घोषित किया जा सकता है। महाकाल सवारी मार्ग को चौड़ा करने, उज्जैन-नागदा-जावरा मार्ग को फोरलेन में तब्दील करने और नानाखेड़ा बस स्टैंड से श्री महाकाल महालोक तक एलिवेटेड कारिडोर बनाने की योजना को हरि झंडी मिल सकती है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बैठक मकर संक्रांति पर या इसके आसपास कराने की बात मीडिया से साझा की है।
सीएम यादव ने यह भी कहा कि अब मंत्रिमंडल की बैठक केवल राजधानी भोपाल में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग शहरों में होगी। शनिवार को उज्जैन में हुई प्रशासनिक बैठक में संभाग के नगर निगम आयुक्तों को शहर विकास की योजना जोनलवार बनाने को निर्देशित किया है। अगले माह होने वाली बैठक में उज्जैन की सड़कों को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा बनवाए 8500 करोड़ रुपये के ग्रीन ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान को भी मंजूरी दी जा सकती है।

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