लखनऊ
उत्तर प्रदेश में नदियों में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच बच्चों की मौत हो गई। एक ओर जहां बांदा में मंदिर दर्शन के बाद चंद्रावल नदी में नहाने उतरे तीन भाई-बहन डूब गए। वहीं दूसरी ओर कानपुर देहात में यमुना नदी में डूब रही सहेली को बचाने की कोशिश में किशोरी और एक अन्य युवक की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
पहला मामला बांदा का है। जहां जसपुरा थाना के गौरीकलां गांव में दादी हीरामनी पत्नी के साथ मंदिर दर्शन करने गए तीन भाई-बहन नहाते समय चंद्रावल नदी में डूब गए। सूचना मिलने गोताखोर पानी में उतरे। वहीं, ग्रामीणों की मदद से 10 वर्षीय अंश, 13 वर्षीय माधुरी और 13 वर्षीय फुफेरे भाई प्रतीक को आनन-फानन में सीएचसी जसपुरा पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 15 वर्षीय ऋषभ नदी घाट पर खड़ा रहा,इससे उसकी जान बच गई। उधर, जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
कानपुर देहात में भी डूबे किशोर-किशोरी
दूसरा मामला कानपुर देहात से सामने आया है। जहां मूसानगर थाना क्षेत्र के नयापुरवा गांव के पास यमुना नदी में डूबे किशोर व किशोरी के शव सोमवार सुबह सात बजे घटनास्थल से एक किमी दूर मूसानगर के पक्का घाट के पास से बरामद हो गए। तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम ने पहले किशोर का व बाद में किशोरी का शव पानी से बाहर निकाला । दोनों के शव यमुना से बाहर निकलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामें की कार्रवाई शुरू की।
दोस्त को बचाने के चक्कर में डूबे
नयापुरवा मूसानगर के रहने वाले सुनील निषाद की बारह साल की बेटी जाह्नवी उर्फ भूरी पड़ोस में रहने वाली अपनी 15 वर्षीय सहेली ज्योति के साथ रविवार सुबह यमुना में नहाने गई थी। नहाते समय दोनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगी। वहां मौजूद गांव के ही 16 साल के अनंतराम ने यमुना में डूब रही ज्योति को तो पानी से बाहर निकाल लिया था, लेकिन जाह्नवी को बचाने के प्रयास में वह गहरे पानी में जाकर खुद भी डूब गया था। मौके पर पहुंचे गोताखोरों की तलाश के बाद भी दोनों का पता नहीं चलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया था।
पक्के घाट के पास मिला दोनों का शव
सोमवार को उनकी तलाश कर रही एसडीआरएफ टीम ने घटना स्थल से करीब एक किमी दूर मूसानगर के पक्के घाट के पास से सुबह सात बजे के करीब अनंतराम का व उसके 15 मिनट बाद जाह्नवी का शव नदी से बाहर निकाला। दोनों के शव मिलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। अनंतराम का शव देख उसकी मन गीता बदहवास हो गईं, जबकि भाई संतराम, बहनें मनीषा जानकी व रवीना बिलख उठी। जबकि जाह्नवी की मौत से उसकी मां विनीता व पिता सुनील बेहाल रहे। एसओ मूसानगर अमिता वर्मा ने बताया कि दोनों शवों के पंचनामे कि कार्रवाई हो रही है, पोस्टमार्टम कराने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी ।

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