डबरा-भितरवार मार्ग पर दर्दनाक हादसा, रेत के ढेर से गई युवक की जान

भितरवार
डबरा-भितरवार मुख्य मार्ग पर भितरवार प्रवेश द्वार के पास शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मुख्य सड़क पर अवैध रूप से रखे रेत के बड़े ढेर (डंप) के कारण एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कार चला रहे युवक मनीष गुर्जर की मौके पर ही मौत हो गई। भितरवार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

रविवार की अल  सुबह प्रत्यक्षदर्शियों  और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बागवई निवासी मनीष गुर्जर (उम्र करीब 30 वर्ष), पुत्र महेंद्र सिंह गुर्जर, देर रात अपनी कार से भितरवार से वापस लौट रहे थे। डबरा-भितरवार मुख्य मार्ग पर जवाहर वेयरहाउस और भितरवार प्रवेश द्वार के पास सड़क किनारे रेत का एक बड़ा ढेर लगा हुआ था। कार की गति अत्यधिक होने के कारण अंधेरे में चालक को रेत का ढेर दिखाई नहीं दिया और कार सीधे उस पर चढ़ते हुए बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर की जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मनीष को कार से बाहर निकाला। हालांकि, सिर और शरीर में गंभीर चोटें आने के कारण मनीष गुर्जर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से युवक को तुरंत भितरवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही भितरवार थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को हाईवे से हटवाकर रास्ता साफ कराया और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम गृह भिजवाया। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, अवैध रेत डंप पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद भितरवार के स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि डबरा-भितरवार मेन रोड पर जगह-जगह ठेकेदारों और रेत माफियाओं द्वारा अवैध रूप से रेत के ढेर लगा दिए गए हैं। मुख्य रास्तों पर फैले इन डंपों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और अंधेरे में ये डंप वाहन चालकों के लिए काल बन जाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क किनारे से रेत के सभी ढेर तुरंत हटाए जाएं।