मैहर
आरटीआई कानून हमारे देश में 2005 से लागू हो गया था,लेकिन उस कानून का पालन आज भी सरकारी कार्यालयों में नही होता, हम बात मैहर तहसीलदार के कार्यालय की कर रहे है जहां बदेरा थाना अंतर्गत भदनपुर निवासी अतुल शुक्ला ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत तहसीलदार कार्यलय मैहर में दो आवेदन लगाए थे, लेकिन आज तक उन आवेदनों में जानकारी नहीं दी गई जबकि नियमानुसार तीस दिन से ज्यादा की अवधि पूरी हो चुकी है! केस1 : दिनांक 06/10/2023 को तहसीलदार द्वारा दिए स्थगन आदेश के संबंध में जानकारी चाहने के लिए आवेदन लगाया था जिस पर लोक सूचना अधिकारी तहसीलदार मैहर द्वारा 60 दिवस बीत जाने के बाद भी कोई पत्राचार नही किया गया और न ही जानकारी उपलब्ध करवाई गई!
केस2 : दिनांक
22/08/2023 को भदनपुर बस स्टैंड शासकीय तालाब की मेड़ में बनी दुकान के संबंध में राजस्व विभाग के आदेशों की जानकारी चाही थी जिस पर तहसीलदार मैहर द्वारा चुप्पी साध ली गई और 105 दिन बीत जाने के बाद भी जानकारी तो दूर कोई पत्राचार नही किया है|
इन्होंने कहा
इस संबंध में मुझे जानकारी नहीं है अब आपके माध्यम से हुई है इसको मैं दिखवाता हूं!
जितेंद्र पटेल
(तहसीलदार मैहर)

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