बहराइच
यूपी के बहराइच में हुई हिंसा के बाद से तनाव का माहौल है. महसी का महराजगंज इलाका छावनी में तब्दील है. इस बीच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा पर गोली चलाने वाले की एक तस्वीर सामने आई है. गोली चलाने वाले शख्स के हाथ में गन दिख रही है. बताया जा रहा है कि गन ताने खड़ा शख्स अब्दुल हमीद के घर पर मौजूद था, जहां रामगोपाल की हत्या हुई थी. ये तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है. लेकिन इसकी चर्चा जोरों पर है. तस्वीर तब की बताई जा रही है कि जब घायल रामगोपाल को उसके साथी छत से नीचे लेकर आ रहे थे. फिलहाल, पुलिस तहकीकात में जुटी है.
गौरतलब है कि बहराइच हिंसा में जान गंवाने वाले रामगोपाल के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई थी. हत्यारोपियों ने रामगोपाल को गोली मारने से पहले उसकी पिटाई की थी. धारदार हथियार से भी हमला किया था. रामगोपाल के चेहरे, गले, माथे और सीने में करीब 35 छर्रे लगने के निशान मिले. रामगोपाल मिश्रा (22) की करंट और हैमरेज से मौत होने का पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिक्र है. इतना ही नहीं रामगोपाल के पैर के नाखूनों को खींच कर बाहर निकाला गया था. उसे करंट के झटके भी दिए गए थे. आंखों के पास किसी नुकीली चीज से गहरा घाव किया गया था.
बहराइच में ऐसे भड़की हिंसा
दरअसल, बहराइच के थाना हरदी क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव निवासी रामगोपाल मिश्रा बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल था. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई.
जुलूस में शामिल रामगोपाल का शव
इस बीच हुई रामगोपाल को एक घर में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया गया. ये घर अब्दुल हमीद का बताया जा रहा है, जहां की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक शख्स हाथ में गन लेकर खड़ा है. रामगोपाल की मौत की खबर के बाद महराजगंज में बवाल शुरू हो गया. आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के घर समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी. इस बीच सोमवार को जब मृतक का शव गांव पहुंचा तो भीड़ फिर गुस्साकर बेकाबू हो गई. इस दौरान महराजगंज क्षेत्र में कई घरों, नर्सिंग होम, बाइक शोरूम और दुकानों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई. वहीं, पुलिस ने बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.
हालात बिगड़ते देख इंटरनेट सेवा पूरे जिले में बंद कर दी गई. पीएसी, आरएएफ को सड़क पर उतार दिया गया. खुद एसटीएफ चीफ पिस्टल लेकर सड़क पर निकल पड़े. घटना के तीन दिन होने के बाद भी महसी के महाराजगंज इलाके में अभी भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.

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