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शहडोल.
जिले में पिछले करीब 10 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, नदी-नाले उफान पर हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है।
बारिश से बचने के लिए लोग हाईवे पर बने ब्रिज के नीचे शरण लेते नजर आए। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जिलेवासियों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है। देवलोंद से सीधी और ब्यौहारी को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित बनास नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार को पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके बाद एहतियात के तौर पर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया। पुलिस मौके पर तैनात है और लोगों को पुल पार करने से रोक रही है। वहीं सिंहपुर से खैरहा मार्ग पर स्थानीय नाला भी उफान पर है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उफान वाले पुल-पुलियों से वाहन निकालना जानलेवा साबित हो सकता है। इस पर सख्ती से रोक लगा दी गई है।
नदी में मिला शव
लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों में पानी भर गया है। धान सहित कई फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।इधर, सीधी थाना क्षेत्र में बनास नदी में एक अज्ञात शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस का मानना है कि तेज बहाव के कारण शव किसी दूसरे स्थान से बहकर यहां पहुंचा होगा। पुलिस शव की शिनाख्त में जुटी है।
कलेक्टर की अपील: जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें, सेल्फी न लें
कलेक्टर ने लोगों से जलमग्न रास्तों, उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों से दूर रहने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को जोखिम भरे स्थानों से दूर रखने और जान जोखिम में डालकर फोटो या सेल्फी न लेने की सख्त हिदायत दी है। संवेदनशील और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम को अलर्टपर रखा गया है।
सीजन में अब तक 739.1 मिमी औसत बारिश
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 20 अगस्त तक जिले में औसतन 739.1 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। सबसे अधिक बुढार में 914 मिमी और जयसिंहनगर में 825 मिमी बारिश हुई है। जबकि सोहागपुर में 549 मिमी और शहडोल शहर में 570 मिमी* बारिश दर्ज की गई है। वर्षा के कारण शहर की बस्तियों की हालत खराब है। शास्त्री नगर सहित विभिन्न बस्तियों में लोगों के घरों में नल का पानी समा रहा है।

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