भोपाल
महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय द्वारा 13 मार्च को नवीन पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में “महिला पुलिस अधिकारियों की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण एवं सम्मान” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से लेकर प्रधान आरक्षक स्तर तक की कुल 95 महिला पुलिस अधिकारी प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुईं।
सेमिनार के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने द्वारा विवेचित महत्वपूर्ण प्रकरणों से संबंधित अनुभव, चुनौतियां एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतियों में विवेचना की अवधि, अनुसंधान के दौरान सामने आई चुनौतियाँ तथा उनसे निपटने की प्रक्रिया, साक्ष्य संकलन की वैज्ञानिक एवं विधिक प्रक्रिया, न्यायालय द्वारा की गई महत्वपूर्ण टिप्पणियों का विश्लेषण तथा विवेचना के दौरान अपनाई गई प्रभावी रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इन प्रस्तुतियों के आधार पर प्रतिभागियों द्वारा की गई विवेचनाओं का निर्धारित मापदण्डों के अनुसार मूल्यांकन भी किया गया।
सेमिनार के समापन अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा) श्री अनिल कुमार द्वारा चयनित प्रतिभागियों को उत्कृष्ट विवेचना एवं उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों को अपने द्वारा की गई विवेचनाओं तथा उनसे प्राप्त न्यायालयीन निर्णयों का गहन अध्ययन करते हुए महत्वपूर्ण बिंदुओं का विश्लेषण करना चाहिए तथा उन्हें भविष्य की विवेचनाओं में समाहित करना चाहिए, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ हो सके।
मूल्यांकन के उपरांत उत्कृष्ट विवेचना के लिए प्रथम पुरस्कार उपनिरीक्षक लक्ष्मी बागरी (जिला मैहर), द्वितीय पुरस्कार उपनिरीक्षक मोनिका गौर (जिला नर्मदापुरम्) तथा तृतीय पुरस्कार उपनिरीक्षक अंजली श्रीवास्तव (नगरीय पुलिस, इंदौर) को प्रदान किया गया। वहीं उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रथम पुरस्कार उपनिरीक्षक वीणा विश्वकर्मा (जिला टीकमगढ़) का चयन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों द्वारा मैदानी स्तर पर विवेचना के दौरान आने वाली चुनौतियों, उनके व्यावहारिक समाधान तथा विवेचना की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस सेमिनार के माध्यम से महिला पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए महिला सुरक्षा के क्षेत्र में संवेदनशील, प्रभावी एवं पेशेवर पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया।

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