जयपुर.
राजधानी जयपुर के त्रिपोलिया बाजार में स्थित त्रिपोलिया गेट पर 200 साल पुराना सोने और चांदी का ताजिया है। जो राजा-महाराजाओं द्वारा बनवाया गया था। इस ताजिए में 10 किलो सोना और डेढ़ मण (मौन) चांदी का उपयोग किया गया है। यह ताजिया तब बनवाया गया था, जब राजा-महाराजाओं की मन्नत पूरी हुई थी।
बता दें कि मोहर्रम त्योहार इमाम हुसैन की याद में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिए को दफनाया जाता है। इस प्रक्रिया में यह ताजिया एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, जो श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक विश्वास को प्रकट करता है। जयपुर के त्रिपोलिया गेट का यह ताजिया न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है। बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल मोहर्रम के अवसर पर इस ताजिए को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं और यह आयोजन जयपुर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है।

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