लखनऊ
आईपीएल के 68वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स की भिड़ंत पंजाब किंग्स से होगी। पंजाब के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है, क्योंकि उसकी नजरें प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने पर होंगी।
वहीं, एलएसजी घरेलू मैदान पर जीत के साथ अपने अभियान का समापन करना चाहेगी। हालांकि, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली टीम अपने खराब प्रदर्शन की वजह से पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है, लेकिन पिछले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स पर मिली जीत ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। इकाना में खेले गए मैच में निकोलस पूरन और मिचेल मार्श ने शानदार बल्लेबाजी कर टीम की जीत सुनिश्चित की।
सिर्फ जीत नहीं का काफी
पंजाब ने 13 मैचों में छह मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में पांचवें नंबर पर है। ऐसे में एलएसजी के खिलाफ जीत से उसके 15 अंक हो जाएगा। हालांकि, अगले मैच में जीतने के बाद भी पंजाब को राजस्थान रॉयल्स की जीत-हार पर निर्भर रहना होगा, जो इतने ही मैचों में 14 अंक के साथ चौथे स्थान पर है। यदि राजस्थान अपना आखिरी मुकाबला जीतती है तो 16 अंकों के साथ उसे प्लेऑफ का टिकट मिल जाएगा।
लखनऊ की चिंता अस्थिरता
लखनऊ के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अस्थिरता रही है। मोहम्मद शमी और आवेश खान जैसे अनुभवी गेंदबाज लगातार असर नहीं छोड़ सके। हालांकि, युवा तेज गेंदबाज आकाश सिंह और प्रिंस यादव ने कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया है। बल्लेबाजी में मिचेल मार्श, निकोलस पूरन और एडेन मार्करम टीम की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं।
जोश इंग्लिस आखिरी मैचों में टीम से जुड़े, लेकिन उन्होंने बढ़िया बल्लेबाजी की है। ऋषभ पंत लगातार दूसरे सीजन में भी बल्ले से संघर्ष कर रहे है, जिसके कारण टीम ने 13 मैचों में नौ गंवाए और सिर्फ चार में जीत मिल सकी। हालांकि, इन सबको भुलाकर मेजबान टीम घर में आखिरी मुकाबला जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगी।
आसान नहीं होगी पंजाब की राह
लगातार छह हार ने पंजाब किंग्स की इस प्लेऑफ की राह मुश्किल बना दी है। सीजन की शुरुआत में शानदार लय में दिख रही टीम अब दबाव में नजर आ रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने शुरुआती मुकाबलों में आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए खुद को खिताब के दावेदारों में शामिल कर लिया था, लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे चरण में टीम का प्रदर्शन पूरी तरह बिखर गया।
पंजाब किंग्स ने अपने पहले दस मुकाबलों में छह जीत दर्ज कर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बना ली थी। उस समय टीम का नेट रन रेट भी बेहतर था और बल्लेबाजी इकाई संतुलित दिखाई दे रही थी, लेकिन इसके बाद टीम लगातार हार के भंवर में फंस गई। लगातार छह मैच गंवाने के बाद अब पंजाब के लिए नॉक आउट की राह केवल अपनी जीत पर नहीं, बल्कि दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर हो गई है
निरंतरता की कमी
टीम की सबसे बड़ी समस्या प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही। शुरुआती मैचों में जहां शीर्ष क्रम ने जिम्मेदारी निभाई, वहीं पिछले मुकाबलों में बल्लेबाज बड़े मौकों पर विफल रहे। श्रेयस अय्यर, प्रभसिमरन सिंह और प्रियांश आर्या जैसे बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके। मध्यक्रम भी दबाव के समय टीम को संभालने में नाकाम रहा। कई मुकाबलों में पंजाब अच्छी स्थिति में होने के बावजूद मैच गंवाती नजर आई।
गेंदबाजी विभाग में भी पंजाब को लगातार संघर्ष का सामना करना पड़ा। आखिरी ओवरों में रन रोकने में टीम असफल रही, जबकि स्पिन आक्रमण अपेक्षित असर नहीं छोड़ सका। ऐसे में इकाना स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला पंजाब किंग्स के पूरे सीजन का सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है। यदि टीम अपनी गलतियों से सीख लेकर संतुलित प्रदर्शन करती है तो वापसी की उम्मीद बनी रह सकती है, लेकिन एक और हार पंजाब के अभियान का अंत साबित हो सकती है।
रिकॉर्ड पंजाब के साथ
लखनऊ सुपर जायंट्स और पंजाब किंग्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल सात मुकाबले खेले गए हैं। इन मैचों में लखनऊ ने चार बार जीत हासिल की है, जबकि पंजाब को तीन में जीत मिली है। ऐसे में रिकार्ड पंजाब के पक्ष में है।

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