दिल्ली फायर सर्विस में पूर्व अग्निवीरों की एंट्री की तैयारी, LG ने दिया सुझाव

नई दिल्ली
 दिल्ली सरकार राजधानी में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली फायर सर्विस में परिचालन के पदों पर नियुक्त करने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में सामने आया। इस बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल टीएस संधू ने की। इस बैठक में हाल ही में दक्षिण दिल्ली में लगी भीषण आग में 22 लोगों की मौत के बाद फायर सर्विस की तैयारियों और संसाधनों की समीक्षा की गई।

सोमवार को हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, गृह मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा समेत पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने फायर विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने की संभावना तलाशने का सुझाव दिया।

उपराज्यपाल ने दिया प्रस्ताव
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तरनजीत संधू ने कहा, 'अग्निशमन विभाग के कार्यबल को मजबूत करने के लिए मौजूदा रिक्तियों को भरने की खातिर पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति पर विचार करने का सुझाव दिया।' अधिकारियों ने बताया कि बैठक में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने, नागरिकों की निगरानी बढ़ाने और रिक्त पदों को भरने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

पूर्व अग्निवीर बनेंगे फायर फाइटर!
एक अधिकारी ने बताया, सरकार अब पूर्व अग्निवीरों को फायर फाइटर के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक प्रशिक्षण और सेवा शर्तों का खाका तैयार करेगी। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की चार वर्ष के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती की जाती है।

1,030 पद हैं खाली
दिल्ली फायर सर्विस लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। विभाग में स्वीकृत 3,633 पदों में से 1,030 पद खाली हैं, जबकि 412 पद संविदा कर्मियों के माध्यम से भरे गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण फायर ऑपरेटर श्रेणी में 2,367 स्वीकृत पदों में से 552 पद रिक्त हैं। विभाग में वर्तमान में 312 संविदा फायर ऑपरेटर कार्यरत हैं। नियमित भर्ती प्रक्रिया आखिरी बार वर्ष 2011-12 में हुई थी।

फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा
बैठक में राजधानी में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में दिल्ली में 71 फायर स्टेशन हैं, जिनमें 67 नियमित और 4 डे-टाइम स्टेशन शामिल हैं। वर्ष 2011 में गृह मंत्रालय द्वारा कराए गए एक अध्ययन में दिल्ली के लिए 99 फायर स्टेशनों की आवश्यकता बताई गई थी।

गृह मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली फायर सर्विस अधिनियम, 2007 की धारा 32 को सख्ती से लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत राजधानी की सभी बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा और अग्नि रोकथाम उपायों को अनिवार्य बनाने की बात कही गई। वर्तमान नियमों के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के लिए फायर सेफ्टी एनओसी आवश्यक है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से अधिक इमारतें अग्नि सुरक्षा के दायरे में आएंगी और लोगों की सुरक्षा बेहतर होगी।