इन दिनों कंपनी से लेकर स्कूल तक, छात्रों से लेकर कर्मचारी तक हर कोई एआई से घिरा हुआ है. ऐसे में मैनेजमेंट की पढ़ाई इससे दूर कैसे रह सकती है. आज के डिजिटल दौर में लोग पुराने MBA कोर्स को करने के बजाय एआई इन MBA कोर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं. पहले MBA करने का मतलब होता था कि वह व्यक्ति केवल फाइल संभाले या दिन भर मीटिंग में रहे लेकिन बदलते समय के साथ इनके काम भी बदल गए हैं. कंपनियां अब ऐसे टेक मैनेजर की खोज कर रही है जिनके पास न केवल टीम लीड करने की कला हो बल्कि एआई का यूज बिजनेस को और बड़ा कर सके.
समय के साथ MBA कोर्स में भी बड़ा बदलाव आया है. MBA इन एआई आज के दौर में गेमचेंजर साबित हो सकता है. करियर की ग्रोथ के लिए भी MBA इन एआई कोर्स बेहद शानदार है. यह केवल कोडिंग तक सीमित नहीं है. टेक्नोलॉजी और बिजनेस के उस कॉम्बिनेशन के बारे में है, जो आने वाले समय में कंपनियों की रीढ़ बनने वाला है.
क्या है इस कोर्स की क्वालिटी?
जैसा कि नाम बता रहा है MBA इन एआई. ये कोर्स सिखाता है कि किस तरह आप एआई का यूज करके कंपनी को फायदा पहुंचा सकते हैं. इसमें कोडिंग से जुड़े टॉपिक नहीं पढ़ाए जाते हैं बल्कि एआई टूल्स की मदद से डेटा को कैसे पढ़ा और उसके सहारे कैसे फैसले लिए जाएं सिखाता है.
क्या MBA करने के लिए होती हैं शर्तें?
बता दें कि कई बार युवा क्या करना चाहते हैं उसे लेकर क्लियर नहीं होते हैं. कई युवाओं को ऐसा लगता है कि MBA केवल वही लोग कर सकते हैं जिनका बैंकग्राउंड इंजीनियरिंग है. लेकिन ये बिल्कुल गलत है. MBA इन एआई कोर्स कोई भी छात्र कर सकता है, जो टेक्नोलॉजी को अच्छे से समझता है. अगर आपके पास डेटा की अच्छी नॉलेज है तो आपके लिए ये कोर्स सबसे बेहतरीन है.
क्या होती है इस कोर्स में पढ़ाई?
एमबीए इन एआई कोर्स 2 साल का होता है. इसमें मार्केटिंग और फाइनेंस के साथ-साथ मशीन लर्निंग, बिग डेटा, प्रेडिक्टिव एनालिसिस और एआई एथिक्स जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं.

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