दमोह
मध्य प्रदेश के दमोह शहर के सात मरीजों के की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की गुरुवार की रात तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां और घबराहट होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉक्टर से चेकअप कराया गया।
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मधुर चौधरी ने आरोपी डॉक्टर का चेकअप किया। इस दौरान आरोपी डॉक्टर का बीपी बढ़ा हुआ था और उसे उल्टियां भी हो रही थी। इसके बाद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करते हुए, उसे कुछ समय के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया। देर रात को उसे छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर के मुताबिक आरोपी डॉक्टर को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। सिर्फ ब्लड प्रेशर बढ़ने से घबराहट हो रही थी।
फर्जी डॉक्टर एक दिन की रिमांड पर था, आज होगा पेश
चार दिन की रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने एक और दिन की रिमांड मांगी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया। अब आरोपित को आज फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नरेंद्र बोला- मेरा नाम खराब करने की बड़ी साजिश
आरोपित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जान केम ने मीडिया से कहा कि यह नाम खराब करने की बड़ी साजिश है और उसे एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। जल्द ही पता लग जाएगा कि मेरे दस्तावेज सही हैं या गलत।
वहीं आरोपित डॉक्टर ने न्यायाधीश के समक्ष कहा कि उसने जितनी भी सर्जरी की है, उसमें उसका सक्सेस रेट 92 प्रतिशत है। मिशन अस्पताल में सिर्फ पांच मौत हुई हैं।
उसने कहा कि उसकी एमबीबीएस की डिग्री असली है। उसका रजिस्ट्रेशन भी है और उसने अपना नाम बदलने के लिए जो सरकारी प्रक्रिया होती है, उसके सभी मापदंडों को पूरा किया है।

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