Bilaspur में बड़ी कार्रवाई: बालाजी गैस एजेंसी से 939 सिलेंडर जब्त, बुकिंग के बाद भी नहीं हो रही थी डिलीवरी

Exposetodaynews:

बिलासपुर.

उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने बालाजी गैस एजेंसी के खिलाफ बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिलने और बिना वास्तविक आपूर्ति के ऑनलाइन डिलीवरी दर्ज करने जैसी शिकायतें भी जांच में सामने आईं.

राजस्व, खाद्य विभाग और आईओसीएल की टीम ने भौतिक सत्यापन में 452 भरे और 487 खाली, कुल 939 सिलेंडर जब्त किए. ऑनलाइन रिकॉर्ड में 864 भरे सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन मौके पर 412 सिलेंडर कम मिले. खाली सिलेंडर रिकॉर्ड से 14 अधिक पाए गए. उपभोक्ताओं को गैस वितरण में कथित तौर पर अनियमितताओं की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने बालाजी गैस एजेंसी के मगरपारा कार्यालय और महाराणा चौक स्थित गोदाम पर संयुक्त छापेमार कार्रवाई की. कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर राजस्व, खाद्य विभाग और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की संयुक्त टीम ने मगरपारा स्थित एजेंसी कार्यालय और महाराणा चौक स्थित गैस गोदाम में औचक जांच की. कार्रवाई के दौरान स्टॉक में भारी अंतर सामने आने पर टीम ने कुल 939 गैस सिलेंडर जब्त कर लिए. हांलांकि एजेंसी संचालक कृष्ण कुमार सेलारका ने इसे तकनीकि खामियों बताई.

जांच दल में तहसीलदार प्रकाश साहू, सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक विनीता दास, वर्षा सिंह, मंगेश कांत, श्रीमती ललिता शर्मा, आशीष दीवान, श्रीमती वसुधा राजपूत तथा आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर पंकज छेतिजा शामिल रहे. जांच दल द्वारा एजेंसी से संबंधित समस्त अभिलेखों, स्टॉक एवं शिकायतों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा. जांच के दौरान टीम ने एजेंसी के ऑनलाइन रिकॉर्ड का मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक से मिलान किया. रिकॉर्ड में 864 भरे सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 452 सिलेंडर ही उपलब्ध मिले. इस तरह 412 भरे सिलेंडरों का अंतर सामने आया.

वहीं, ऑनलाइन रिकॉर्ड में 473 खाली सिलेंडर दर्ज थे, जबकि मौके पर इनकी संख्या 487 मिली. यानी खाली सिलेंडर भी दर्ज संख्या से 14 अधिक पाए गए. एजेंसी के खिलाफ कॉल सेंटर और सीएम हेल्पलाइन 1076 में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई. इससे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की है. अब जब्त स्टॉक, दस्तावेजों और उपभोक्ताओं के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस कार्रवाई से गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों को लेकर सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है.