भोपाल
प्रदेश के 3 नए टाइगर रिजर्वों के लिए 1000 से अधिक नए पद सृजित किए जाएंगे। इनमें फील्ड डायरेक्टर, डिप्टी फील्ड डायरेक्टर से लेकर एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर, नाकेदार समेत चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल होंगे। इन रिजर्वों में रानी दुर्गावती, डॉ. विष्णु वाकणकर पुराना नाम- रातापानी टाइगर रिजर्व और माधव टाइगर रिजर्व शामिल है। इन तीनों को 2 साल के भीतर रिजर्व बनाया है।
ये तीनों पूर्व में वन्यजीव अभयारण्य थे इसलिए इनकी जरूरत के हिसाब से अधिकारी, कर्मचारियों का सेटअप तैयार किया था, जो वर्षों पुराना है लेकिन रानी दुर्गावती को दिसंबर 2023, डॉ. विष्णु वाकणकर को दिसंबर 2024 और माधव को मार्च 2025 में टाइगर रिजर्व घोषित किया जा चुका है।
अब इन तीनों में रिजर्व के प्रबंधन के अनुरूप अधिकारी, कर्मचारियों की जरूरत है इसलिए नया सेटअप तैयार किया जा रहा है। पार्कों में बाघों की सुरक्षा को लेकर वन्य अमले की भारी कमी के चलते यह पहल की गई।
पुराने पदों को किया जाएगा मर्ज
एमपी के इन तीनों रिजर्वों में अभी वन्यजीव अभयारण्य के सेटअप के आधार पर पदस्थ किए गए अधिकारी, कर्मचारी ही सेवाएं दे रहे हैं। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नए सेटअप में पुराने पदों को नए के साथ मर्ज कर दिया जाएगा। कैबिनेट से नए सेटअप की मंजूरी ली जाएगी।
नए सिरे से होगा रेंज व बीट का निर्धारण
तीनों रिजर्वों में बीट और रेंज की स्थिति भी बदल सकती है। इसके आधार पर अधिकारी, कर्मचारियों की जरुरत तय होगी। ऐसा इसलिए उयोंकि रिजर्व घोषित किए जाने से पूर्व ये तीनों अभयारण्य थे, जिनका क्षेत्रफल अलग था, लगभग सभी नए क्षेत्रों को शामिल किया है।

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