नईदिल्ली
सेक्स टेप कांड को लेकर दुनिया भर के सभी आव्रजन बिंदुओं पर प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नेप्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि रेवन्ना का राजनयिक पासपोर्ट रद्द कर दिया जाए, क्योंकि वह मामले में मुख्य आरोपी होने के बावजूद देश छोड़ने में कामयाब रहे हैं. इस बीच आरोपों से इनकार करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा है कि आपराधिक जांच विभाग (CID) को सूचित कर दिया है कि वह फिलहाल बेंगलुरु में नहीं हैं, लेकिन जल्द ही जांच में शामिल होंगे.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि "चूंकि मैं पूछताछ में शामिल होने के लिए बेंगलुरु में नहीं हूं, इसलिए मैंने अपने वकील के माध्यम से सी.आई.डी. बेंगलुरु को सूचित कर दिया है. सच्चाई जल्द ही सामने आएगी."
रविवार को उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस दर्ज किया गया था. कर्नाटक सरकार ने इस मामले में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया है, जो आरोपों की जांच के लिए हसन का दौरा कर सकती है. हासन वह निर्वाचन क्षेत्र जिसका प्रतिनिधित्व प्रज्वल लोकसभा में करते हैं और इस बार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. आरोप सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और प्रज्वल के चाचा जद (एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने पार्टी से उन्हें निलंबित कर दिया है.

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