बिलासपुर
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला मामले में आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी की क्रिमिनल रिवीजन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब घोटाले मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के बाद ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था. त्रिपाठी ने विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका लगाई. राहत नहीं मिलने पर त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई, जिस पर उन्हें जमानत दी गई थी.
उल्लेखनीय है कि त्रिपाठी के मामले में ईओडब्ल्यू ने भी संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया था. विभाग ने बिना शासन की अनुमति लिए ही कार्रवाई कर ली थी. इसे त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में चुनौती देकर क्रिमिनल रिवीजन प्रस्तुत की. इसमें कहा गया कि धारा 9 के अंतर्गत ऐसे मामलों में शासन की अनुमति पहले लेनी चाहिए. जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने ईओडब्ल्यू को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 17 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में संभावित है.

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