अहमदाबाद
गुजरात कांग्रेस के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, और अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर सख्त रुख अपना लिया है। जूनागढ़ में जिला अध्यक्षों के एक प्रशिक्षण शिविर में बोलते हुए खरगे ने साफ कहा – अगर पार्टी में कुछ लोग काम नहीं कर रहे, जिम्मेदारी से भाग रहे हैं या सिर्फ बहाने बना रहे हैं, तो उन्हें तत्काल बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। खरगे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर समय रहते खराब आम नहीं हटाए गए, तो पूरी टोकरी सड़ जाएगी।"
क्या है पूरा मामला?
एक आंतरिक रिपोर्ट में सामने आया है कि गुजरात कांग्रेस की 41 में से 19 ज़िला/शहर इकाइयों का प्रदर्शन बेहद कमजोर है। ये रिपोर्ट पार्टी द्वारा बीते तीन महीनों में किए गए राजनीतिक कार्यक्रमों और निर्देशों के अनुपालन के आधार पर तैयार की गई है। 9 यूनिट्स को अव्वल, 11 को औसत, और 19 को सुधार की ज़रूरत वाली कैटेगरी में रखा गया है। यही आंकड़े देखकर खरगे ने पार्टी में "साफ-सफाई" की बात कही।
खरगे का दो टूक संदेश
जो नेता काम नहीं करना चाहते, उन्हें अब हटाना ही पड़ेगा। वरना वे किसी और खेमे में चले जाएंगे और पार्टी को नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस को अब अनुशासन, विचारधारा से निष्ठा, और बूथ लेवल पर मजबूत नेटवर्किंग की ज़रूरत है।
उपस्थिति पर भी जताई नाराज़गी
खरगे ने यह भी कहा कि जिस तरह शिविर के पहले दिन 100% लोग थे, फिर दूसरे दिन 90% और तीसरे दिन 80% हो गए, यह लापरवाही पार्टी की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है। बता दें कि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं, और गुजरात में कांग्रेस का हाल पहले से ही कमजोर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
खरगे का यह रुख संकेत है कि कांग्रेस अंदर से बदलाव के मूड में है – और सिर्फ पद लेने वालों को नहीं, बल्कि काम करने वालों को तरजीह मिलेगी।

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