रायपुर
राज्यपाल रमेन डेका माना कैंप स्थित एसओएस बालिका गृह पहुंचे। डेका ने वहां रह रही बालिकाओं से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने बालिकाओं को कम्बल, मिठाई तथा फल वितरित किये। इस बालिका गृह में अनाथ एवं एकल अभिभावक वाली बालिकाएं जिनकी उम्र 18 वर्ष तक है, निवास करती है। राज्यपाल ने बालिकाओं से कहा कि वे हौसला रखें और बड़ा सपना देखें तथा पूरा करने के लिए तन-मन से जुट जाए। उन्हें यह नहीं सोचना है कि वे अकेले है बल्कि पूरा समाज और सरकार उनके साथ है। एक-दूसरे के साथ हंसी-खुशी से मिलजुल कर रहे।
राज्यपाल ने बालिकाओं के समक्ष आदर्श महापुरुषों की जीवन गाथा का उल्लेख किया। महात्मा गांधी, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, नेल्सन मंडेला की जीवनी से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। डॉ. कलाम ने मिसाइल बनाने का सपना देखा और उसे पूरा किया। नेल्सन मंडेला 26 वर्ष तक जेल में रहे फिर भी उन्होंने हौसला नहीं खोया और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने। राज्यपाल ने बालिकाओं से कहा कि वे भी महापुरूषों से प्रेरणा ले और हौसले तथा साहस के साथ जीवन में आगे बढ़ते हुए विभिन्न क्षेत्रों में अपना मुकाम हासिल करे।
राज्यपाल डेका ने बालिका गृह का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। बालिका गृह संचालिका श्रीमती ऋतु सिंह ने बताया महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित इस संस्था में 110 बच्चे वर्तमान में निवासरत है। डेका ने बालिकाओं को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक मोतीलाल साहू, नगर पंचायत के अध्यक्ष संजय यादव क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि, बालिका गृह के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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