जयपुर
जयपुर गुलाबी नगर एक बार फिर फिटनेस, स्वास्थ्य और सामूहिक ऊर्जा के उत्सव के लिए तैयार है। जयपुर मैराथन 2026 के 17वें संस्करण का आधिकारिक इवेंट कैलेंडर लॉन्च कर दिया गया है। इस आयोजन को राजस्थान पर्यटन विभाग, राजस्थान खेल परिषद और राजस्थान युवा बोर्ड का सहयोग प्राप्त है।
कैलेंडर लॉन्च कार्यक्रम में मैराथन से पहले आयोजित होने वाली एक माह की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अरुण चतुर्वेदी रहे। उनके साथ संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा, एयू जयपुर मैराथन के सीईओ मुकेश मिश्रा, एयू स्मॉल फाइनेंस से धर्मेंद्र सिंह शेखावत सहित आयोजन से जुड़े कई गणमान्य अतिथि मंच पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि जयपुर मैराथन अब ऐसा आयोजन बन चुका है, जिसका शहर हर वर्ष बेसब्री से इंतजार करता है। यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जो पूरे शहर को स्वास्थ्य और वेलनेस के प्रति जागरूक करता है। जयपुर मैराथन ने अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है।
चार अलग-अलग जोन में बांटा गया शहर
संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य मैराथन को जयपुर की जीवनशैली का हिस्सा बनाना है, ताकि फिटनेस आदत बने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिले। प्रतिभागियों की बेहतर तैयारी के लिए जयपुर रनर्स क्लब द्वारा शहर को चार अलग-अलग ज़ोन में विभाजित किया गया है, जहां प्रशिक्षकों की व्यवस्था की गई है।
हर वर्ग के लोगों को एक मंच पर जोड़ रही मैराथन
वहीं एयू जयपुर मैराथन के सीईओ मुकेश मिश्रा ने कहा कि जयपुर मैराथन 2026 अब केवल एक दिन की दौड़ तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह एक समग्र फिटनेस मूवमेंट का रूप ले चुकी है, जो युवाओं, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, रनर्स और आम नागरिकों को एक मंच पर जोड़ रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। खासतौर पर ड्रीम रन में लगभग एक लाख लोगों की ऐतिहासिक भागीदारी का अनुमान लगाया जा रहा है।

More Stories
जयपुर में पेट्रोल पंपों पर बड़ी कार्रवाई: जांच में 3 पंपों के नोजल सील
भरतपुर के पीलूपुरा में REET 372 पदों की मांग को लेकर आमरण अनशन, 3 युवाओं की हालत बिगड़ी
आगरा में एलपीजी संकट गहराया, गैस सिलिंडर की कमी से घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता परेशान