रायपुर,
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के तत्वावधान में मैक कॉलेज ऑडिटोरियम, समता कॉलोनी रायपुर में सिंधी स्टूडेंट्स सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देशभर से वे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आमंत्रित थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे छत्तीसगढ़ के युवा फिल्म निर्माता आर्यन सुंदरानी, जिन्हें उनकी कम उम्र में ही फिल्म निर्माण, एल्बम निर्माण व छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
सम्मेलन में आर्यन सुंदरानी ने अपने संघर्षों, अनुभवों और सफलता की यात्रा को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण की दुनिया जितनी आकर्षक दिखती है, उतनी ही चुनौतियों से भरी होती है।
फिल्म निर्माण और एल्बम तैयार करने में आने वाली जटिलताओं—जैसे सीमित संसाधन, तकनीकी मुश्किलें, टीम मैनेजमेंट और कम बजट में गुणवत्तापूर्ण प्रोडक्शन—के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने युवा प्रतिभाओं को इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान भी बताए।
आर्यन सुंदरानी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, संगीत और यहां की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उनके गहन वक्तव्य से उपस्थित छात्र-छात्राएं प्रेरित हुए और सम्मेलन का वातावरण उत्साह से भर गया।
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए दिशा-दर्शक भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित युवा प्रतिभाओं ने आर्यन सुंदरानी और अन्य वक्ताओं के मार्गदर्शन को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और परिषद द्वारा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

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