कोलकाता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोपों के बीच गवर्नर हाउस ने गुरुवार को करीब 100 'आम लोगों' को राजभवन परिसर की दो मई की 69 मिनट की सीसीटीवी फुटेज दिखाई। लेकिन इसमें किसी भी फ्रेम में राज्यपाल नहीं दिखाई पड़े।
राजभवन की एक अस्थायी महिला कर्मचारी ने दो मई को राज्यपाल पर यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इससे राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया।
आरोप को सिरे से नकारते हुए राज्यपाल ने बुधवार को घोषणा की कि राजभवन के सीसीटीवी फुटेज को गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस को छोड़कर आम लोगों को गवर्नर हाउस में दिखाया जाएगा।
लेकिन सीसीटीवी फुटेज में राज्यपाल किसी भी फ्रेम में नजर नहीं आए। दो मई के फुटेज में शाम 5.32 से 6.41 बजे तक राजभवन के उत्तरी गेट पर लगे दो सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग दिखाई गई।
लेकिन फुटेज में राज्यपाल को नहीं दिखाई पड़े। शिकायतकर्ता को दो बार देखा गया। एक बार राजभवन परिसर के अंदर पुलिस चौकी में प्रवेश करते हुए और फिर उससे बाहर आकर बगल के कमरे में प्रवेश करते हुए। दो मई की रात राजभवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के कारण फुटेज में पुलिस की भारी तैनाती देखी गई।

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