नई दिल्ली.
गूगल आज के वक्त में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी है, जिसको भारत से बड़ी राहत मिली है। गूगल पर यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों ने कारोबार करने के गलत नियमों के चलते 936 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया था। हालांकि अब गूगल को जुर्माना में भारी छूट दी गई है। रिपोर्ट की मानें, तो गूगल को जुर्माने में करीब 216 करोड़ रुपये की छूट दी गई है, लेकिन गगूल पर जुर्माना क्यों लगाया गया? साथ ही यह जुर्माना किसने लगाया? आइए जानते हैं विस्तार से…
NCLAT ने बरकरार रखा CCI का आर्डर
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल NCLAT ने अपने फैसले में गूगल को 216 करोड़ रुपये जुर्माने में छूट दी है। हालांकि NCLAT ने गूगल की सजा को बरकरार रखा है। मतलब फैसले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI के गूगल के खिलाफ एक आदेश में बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन जुर्माना राशि को ज्यादा बताते हुए उसे कम कर दिया गया है। इससे पहले CCI ने कहा था कि गूगल ने प्ले स्टोर पॉलिसी का गलत इस्तेमाल किया है, जो कारोबारी नियमों के खिलाफ हैं। गूगल की पॉलिसी प्रतिस्पर्धा को नियमों के खिलाफ हैं।
NCLAT ने जुमाने में की 216 करोड़ की कटौती
ऐसे में सीसीआई ने गूगल पर 936 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। लेकिन NCLAT ने गूगल पर लगाए गए जुर्माने को 936.44 करोड़ रुपये से घटाकर 216 करोड़ रुपये कर दिया है। NCLAT की जस्टिस अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की दो सदस्यीय पीठ ने माना कि गूगल ने अपनी मजबूत पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया है, जो कि नियमों के खिलाफ है। NCLAT की मानें, तो गूगल ने इस अपील में पहले ही जुर्माने का 10 फीसद जमा कर दिया है। ऐसे में बाकी बकाया राशि आज से 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा।
CCI के आदेश को गूगल की चुनौती
बता दें कि साल 2022 में CCI ने प्ले स्टोर पॉलिसी के दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस फैसले के खिलाफ गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और गूगल ने NCLAT में चुनौती दी थी, जिसके पास CCI के आदेशों पर अपीलीय अधिकार क्षेत्र है। जुर्माने के साथ-साथ CCI ने टेक दिग्गज को कारोबार के गलत तरीके को रोकने और एक तय समय सीमा के भीतर प्रतिस्पर्धा-विरोधी चिंताओं को दूर करने के लिए सुधारात्मक उपाय लागू करने का भी निर्देश दिया था। बता दें कि मौजूदा वक्त में गगूल हजारों करोड़ रुपये की कंपनी है।

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