भोपाल
मध्य प्रदेश में सितंबर का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। अगले 2 दिन पूरे प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल में देर रात से हो रही बारिश के बाद मंगलवार सुबह कलियासोत डैम का एक गेट और कोलार डैम के दो गेट खोल दिए गए। सीहोर में तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में पांढुर्णा और मंडला में आकाशीय बिजली चमकने के साथ अति भारी बारिश होने की संभावना जताई है। छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर के अमरकंटक में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, विदिशा में मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
रायसेन जिले के सांची और भीमबेटका, नर्मदापुरम के पचमढ़ी, नरसिंहपुर, बैतूल, सागर, दमोह, जबलपुर, शहडोल, कटनी, उमरिया, छतरपुर के खजुराहो, पन्ना, खरगोन के महेश्वर, धार के मांडू , सतना के चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, निवाड़ी के ओरछा, टीकमगढ़, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, देवास, इंदौर में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। रतलाम, खंडवा के ओंकारेश्वर, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, बड़वानी के बावनगजा, अलीराजपुर, झाबुआ, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर में भी बारिश होगी।
जुलाई और अगस्त के बाद सितंबर में भी प्रदेश के बड़े डैम छलक उठे। भोपाल के 4 डैम- कोलार, कलियासोत, केरवा और भदभदा के गेट खुले रहे। नर्मदापुरम के तवा डैम समेत बाणसागर, कुंडालिया, बरगी, इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, जोहिला, पारसडोह, चंदौरा, कुंडालिया में भी पानी बढ़ा। आने वाले 4 दिन तक तेज बारिश होने से डैम के गेट फिर से खुल जाएंगे।
भोपाल की सामान्य बारिश 37.6 इंच है। यह आंकड़ा इससे 17% पानी ज्यादा गिर चुका है। यानी, अब तक सीजन की 117% बारिश हो चुकी है। अगले चार दिन जो बारिश होगी, वह भी बोनस के रूप में ही रहेगी। सितंबर में अच्छी बारिश होती है। 65 साल पहले वर्ष 1961 में पूरे महीने 30.2 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है। अबकी बार भी सितंबर की शुरुआत तेज बारिश से हुई है।

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