रामगढ़,
झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में गुरुवार को दो हाथी 25 फीट गहरे कुएं में गिर गए। इनमें एक वयस्क और दूसरा शिशु है। दोनों जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों ने बताया कि कुएं में पानी कम होने से दोनों की जान बच गई। जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुएं के आसपास भीड़ न लगाएं और हाथियों से दूरी बनाए रखें ताकि रेस्क्यू अभियान में कोई बाधा न आए।
ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआं परसाडीह गांव निवासी दीनाराम मांझी की जमीन पर मनरेगा योजना के तहत खोदा गया था। कुएं के चारों ओर घनी झाड़ियां होने के कारण हाथियों को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वे सीधे उसमें गिर गए।
ग्रामीणों का कहना है कि कुआं खुले में है और इसके चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार नहीं है। इसी कारण यह कुआं नजर नहीं आया और हाथियों के गिरने की घटना हुई।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इलाके में लगभग 42 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कुछ दिन पहले हेसापोड़ा जंगल में हाथियों के झुंड में तीन बच्चों के जन्म की जानकारी सामने आई थी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगल किनारे खोदे गए ऐसे सभी कुओं को सुरक्षित किया जाए। उनका कहना है कि अगर इन कुओं को चारों ओर से ढकने या घेरने की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खुले कुएं वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। गोला वन क्षेत्र इन दिनों हाथियों की गतिविधियों के कारण लगातार चर्चा में है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत और उत्सुकता दोनों बनी हुई है। वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

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