भीलवाड़ा
एक छोटे से गांव की लड़की, जहां बेटियों की पढ़ाई पर सवाल उठाए जाते हैं और कम उम्र में उनकी शादी कर दी जाती है, वहीं से निकलकर एक लड़की ने इतिहास रच दिया. हालात ने उसे बार-बार तोड़ा, लेकिन उसने हर बार खुद को संभाला. पिता ने जिस बेटी को नाजों से पाला था, पति ने उसे घर से निकाल दिया. दो बार डिप्रेशन में चली गईं. लेकिन सुनीता जाट (Sunita Jat) ने हार नहीं मानी. कठिन हालातों से लड़ते-लड़ते आखिर वह वह मुकाम हासिल कर लिया, जो लाखों लोगों का सपना होता है.
गांव में पढ़ाई के लिए नहीं था स्कूल
सुनीता राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सुवाणा गांव की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव के स्कूल से हुई थी. 12वीं की पढ़ाई भीलवाड़ा जिले से हुई. 12वीं के बाद सुनीता ने मेडिकल की पढ़ाई करने का फैसला किया. लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी दिक्कत थी कि मेडिकल के लिए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कैसे करें.
पिता ने पढ़ाई के लिए भेजा कोटा
सुनीता अपने एक इंटरव्यू में बताती हैं कि वे ऐसे जगह से हैं जहां बहुत कम उम्र में लड़कियों की शादी कर दी जाती है और उनकी शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता है. ऐसे में जब सुनीता ने अपने पिता से कोचिंग के लिए कोटा जाने की इच्छा जताई तो उनके पिता ने बिना गांव वालों की सुने, उन्हें कोचिंग के लिए कोटा भेजा.
MBBS में लिया एडमिशन
सुनीता बताती हैं कि वो अपने गांव से भीलवाड़ा जिले में पढ़ाई के लिए जाने वाली पहली लड़की थीं. फिर सुनीता की तैयारी शुरू हुई और उन्होंने AIPMT में AIR 27वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की. इसके बाद उनका एडमिशन मेडिकल कोर्स के लिए होगा.
पिता की मौत से पूरी तरह टूट गई थीं सुनीता
सुनीता बताती हैं कि सबकुछ अच्छा चल रहा था, MBBS फाइनल ईयर से ही मैंने मेडिकल पीजी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी थी. लेकिन परीक्षा से एक महीने पहले उनके पिता इस दुनिया से गुजर गए. ऐसे में सुनीता के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया. वे डिप्रेशन में चली गईं थी. हालांकि, अपने शिक्षकों को कहने पर उन्होंने किसी तरह परीक्षा दी. परीक्षा में AIR 30 हासिल किया.
काम करने की जताई इच्छा तो पति ने छोड़ा
पीजी मेडिकल की पढ़ाई के दौरान सुनीता को पता चला कि UPSC के जरिए भी मेडिकल ऑफिसर बनते हैं. ऐसे में उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की. लेकिन घर वालों ने उनकी शादी फिक्स कर दी. शादी हुई तो पति ने वादा किया कि पढ़ने और काम करने की पूरी छूट रहेगी. लेकिन जब सुनीता ने UPSC का पहला अटेंप्ट दिया और वो असफल रहीं तो परिवार वालों ने साथ छोड़ दिया. इस बीच सुनीता प्रेगनेंट हो गईं. फिर पति और परिवार वाले घर बैठने का दबाव बनाने लगे. अंत में उन्होंने सुनीता को छोड़ दिया.
लोग देते थे ताना
एक सिंगल मां की जिम्मेदारी निभाना, तलाक के लिए कोर्ट के चक्कर लगाना और इन सब के बीच UPSC की परीक्षा. अपने बच्चे को जन्म देने के दौरान कई बार सुनीता के मन में ख्याल आया कि इससे बेहतर तो वे मर ही गई होतीं. लेकिन उनकी मां ने ऐसे समय में सहारा दिया. उन्हें तैयारी करने के लिए प्रेरित किया. सुनीता और उनके परिवार वालों ने शादी टूट जाने के बाद लोगों के कई ताने सुने. लेकिन इन सब बातों की परवाह किए बिना सुनीता ने खुद को लक्ष्य से भटकने नहीं दिया और आखिरकार 2025 में UPSC CMS 23वीं रैंक के साथ सफलता हासिल कर ली और आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर बन गईं.
सेलेक्शन होने पर फूट-फूटकर रोईं
सुनीता बताती हैं कि जब इंटरव्यू (UPSC Interview) का रिजल्ट आया था तब वे जयपुर के प्रसिद्ध मंदिर गोविंद देव जी में थीं. उन्होंने जब रिजल्ट देखा तो वे रो पड़ीं. यूपीएससी या ऐसी अन्य परीक्षा की तैयारी करने वाली अन्य लड़िकयों से सुनीता ने कहा कि अपने कंफर्टजोन से बाहर निकलें और हर चुनौती का सामना करना सीखें. उन्होंने अपनी सफलता का क्रेडिट अपने माता-पिता को दिया.

More Stories
SSC CGL 2026 भर्ती के लिए फिर खुली एप्लीकेशन विंडो, इस तारीख तक भरें फॉर्म
RRB Recruitment 2026: सेक्शन कंट्रोलर के 119 पदों पर भर्ती, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
CUET UG Result 2026 जारी: cuet.nta.nic.in पर आया रिजल्ट, सिर्फ 1 छात्र को मिला 100 पर्सेंटाइल