नई दिल्ली
दिल्ली में बारिश क्या थमी AQI का स्तर 48 से उछलकर सीधे 294 पर पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक आज दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए एहतियात बरतते हुए ग्रैप-1 लागू किया जा सकता है। दरअसल, वायु गुणवत्ता में आई गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से आई खनिज धूल (ट्रांसबाउंड्री मिनरल डस्ट) है।
बढ़ गए पीएम-10 कण
बताया जा रहा है कि यह धूल अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के पास उत्पन्न हुए धूल भरे तूफान के कारण उत्तर-पश्चिम भारत, विशेषकर दिल्ली-NCR तक पहुंची है, जिससे वातावरण में पीएम-10 कणों की मात्रा काफी बढ़ गई है।
कम होगा धूल का प्रभाव?
इसके अलावा, उत्तर भारत के इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, जिनमें दिल्ली-NCR भी शामिल है। यहां तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे धूल का असर और बढ़ गया है। सीएक्यूएम ने कहा कि फिलहाल दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है, लेकिन अगले दो दिनों में सीमा पार से आ रही धूल का प्रभाव कम होने के साथ हवा में सुधार आने की उम्मीद है।
9 जुलाई को 48 था AQI
बता दें कि इससे पहले 9 जुलाई को दिल्ली का दैनिक औसत AQI 48 दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2026 का पहला 'अच्छा' वायु गुणवत्ता दिवस था। यह सितंबर 2023 के बाद पहली बार था जब दिल्ली की हवा 'गुड' श्रेणी में पहुंची थी। उस समय लगातार बारिश के कारण राजधानी की हवा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला था
दिल्ली में अलग बारिश पैटर्न
बता दें कि हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में इतनी ज्यादा बारिश हुई थी कि कई सड़कों पर लबालब पानी भर गया था। राजधानी में लगातार दो दिनों तक रिमझिम रिमझिम और बीच-बीच में तेज बरसात हुई थी। वैसे इस तरह की बारिश का पैटर्न दिल्ली-एनसीआर में देखने को नहीं मिलता है, लेकिन उस समय लगातार बारिश देखने को मिली थी।

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