NTA ने बीटेक वालों के लिए जरूरी अपडेट्स दी हैं। इंजीनियरिंग कोर्सेस में दाखिले के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन (JEE Main) पेपर 1 (BE-BTech) फाइनल रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने नॉर्मलाइजेशन के प्रोसेस पर सवाल उठाए थे। 4 अप्रैल को पहली शिफ्ट और 5 अप्रैल को दूसरी शिफ्ट के पेपर को लेकर भी कैंडिडेट्स ने सवाल उठाते हुए कहा था कि कुछ शिफ्ट में काफी टफ पेपर आया था और कुछ में आसान आया था।
एक शिफ्ट में ज्यादा नंबर पाने वालों का परसेंटाइल स्कोर दूसरी शिफ्ट में कम नंबर पाने वालों से कम हो जाता है। JEE में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। NTA छात्रों नॉर्मलाइजेशन को लेकर कैंडिडेट्स के सभी सवालों के जवाब नहीं दे पा रहा है। छात्र अभी भी शिकायत कर रहे है लेकिन उनका कोई हल नहीं है।
पहले सेशन की हर शिफ्ट में 1.37 लाख तक छात्रों ने दी परीक्षा
वहीं, NTA का कहना है कि दोनों सत्र जेईई मेन सेशन 1 और सेशन 2 में कैटेगरी के आधार पर उम्मीदवारों का वितरण एक समान है। यानी हर शिफ्ट में तकरीबन एक समान कैंडिडेट्स ने एग्जाम दिया। पहले सेशन में 10 शिफ्ट हुईं और दूसरे शिफ्ट में 9 शिफ्ट में एग्जाम हुआ था। पहले सेशन में हर शिफ्ट में 1.31 लाख से 1.37 लाख तक छात्र बैठे और दूसरे सेशन में हर शिफ्ट में 1.23 से लेकर 1.24 लाख कैंडिडेट्स बैठे।
NTA ने बताया JEE के दोनों सेशन का डेट-शिफ्ट वाइज परसेंटाइल
NTA का दावा है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से JEE के दोनों सत्रों के लिए परसेंटाइल स्कोर का वितरण, तारीख और शिफ्ट के अनुसार उपलब्ध कराया गया है-
कुल 26 कैंडिडेट्स को 100 परसेंटाइल स्कोर मिला है।
पहले सेशन में 24 अप्रैल की दूसरी शिफ्ट में 3 कैंडिडेट्स को 100 परसेंटाइल मिला था।
बाकी 8 शिफ्ट में 1-1 कैंडिडेट को 100 स्कोर मिला है।
पहले सेशन में 12 कैंडिडेट्स को यह स्कोर मिला।
दूसरे सेशन में 14 कैंडिडेट्स को 100 परसेंटाइल स्कोर मिला।
दूसरे सेशन में 5 अप्रैल को पहली शिफ्ट में 4 को यह टॉप स्कोर मिला।
क्या होता है परसेंटाइल?
पर्सेंटेज और परसेंटाइल में बड़ा अंतर है। यदि आपको 90 प्रतिशत मार्क्स मिले हैं और कुल नंबर 400 है तो 90 प्रतिशत के हिसाब से आपको 360 नंबर मिले हैं। लेकिन अगर रिजल्ट 90 परसेंटाइल है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपका स्कोर 360 ही होगा। परसेंटाइल का मतलब होता है कि आपको कितने छात्रों से ज्यादा नंबर मिले हैं।
जैसे अगर आपका परसेंटाइल 90 फीसदी है तो इसका मतलब हुआ कि आपने 90 प्रतिशत उम्मीदवारों से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं। हो सकता है कि आपको 300 नंबर ही मिले हों लेकिन 90 फीसदी छात्र उस स्कोर से नीचे हैं। यह भी आसान फॉर्मूला नहीं है। यह भी हो सकता है कि किसी एक शिफ्ट में 100 परसेंटाइल पाने वाले का स्कोर 300 में से 290 हो और किसी शिफ्ट में 295 स्कोर पाने वाले को भी 100 परसेंटाइल न मिले।

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