दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर विवाद गहराया, मेकर्स पर हो सकती है कार्रवाई

जाने माने एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर मचा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. मूवी 3 अप्रैल को अचानक से जी5 पर स्ट्रीम की गई. फिर इसे 48 घंटे में डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया था. लेकिन तब तक मूवी कई लोगों ने डाउनलोड कर ली थी. सतलुज की पायरेटेड कॉपी कई जगहों पर धड़ल्ले से दिखाई जा रही है. फिल्म को लेकर छिड़े घमासान पर नया अपडेट आया है.

सतलुज पर बवाल जारी
सूत्रों के मुताबिक, सतलुज को अवैध तरीके से रिलीज किया गया था. सरकार ने फिल्म में 127 कट्स लगाने को कहा था. मूवी को सेंसर बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई सर्टिफिकेट भी नहीं मिला था. रेगुलेटिंग बॉडी के सुझाव को इग्रोर किया गया. मेकर्स ने इसमें कोई कट नहीं लगाए और रिलीज कर दिया. सरकार मेकर्स के खिलाफ एक्शन लेने की प्लानिंग कर रही है. जिन जगहों पर सतलुज की स्क्रीनिंग हो रही है, राज्य सरकार को उनके खिलाफ एक्शन लेने को कहा गया है.

सतलुज का नाम पहले पंजाब 95 था. दिलजीत की ये मूवी पिछले 4 साल से सेंसर सर्टिफिकेट की वजह से लटकी हुई थी. बिना सेंसर सर्टिफिकेट के मूवी रिलीज करने का फैसला मेकर्स के खिलाफ गया. फिल्म को जी5 इंटरनेशनल से भी हटा दिया गया है. सरकार का कहना है मूवी के कई सीन ऐसे हैं जो देश की अखंडता को खराब कर सकते हैं. मूवी को हनी त्रेहान ने डायरेक्ट किया है. सतलुज मूवी में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी दिखाई गई है. जिन्होंने पंजाब में 1980 और 1990 के दशक में उग्रवाद और 25,000 अवैध अंतिम संस्कारों का खुलासा किया था.  

दिलजीत के लिए ये फिल्म करना इमोशनली और फिजीकली चैलेंजिंग था. एक्टर के मुताबिक, उन्हें शूटिंग खत्म होने के बाद खुद को रिकवर करने के लिए ब्रेक लेना पड़ा था. दिलजीत की सतलुज को फिर से रिलीज करने की मांग तेज है. इंडिया में ही नहीं पाकिस्तान में भी इसे दिखाने की मांग हो रही है. कई पाकिस्तानी सेलेब्स ने फिल्म को रोकने के खिलाफ अपनी राय दी है. उन्होंने दिलजीत की फिल्म को सपोर्ट किया है.