बीजिंग
चीनी केंद्रीय सैन्य आयोग के संयुक्त स्टाफ विभाग के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जिंग जियानफेंग ने कहा कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ताइवान को कभी भी स्वतंत्र होने या ‘अलग होने’ की अनुमति नहीं देगी।
सिंगापुर में आईआईएसएस शांगरी-ला डायलॉग के मौके पर श्री जिंग ने कहा, “पीएलए ताइवान को कभी भी चीन से अलग नहीं होने देगी। ताइवान की आजादी युद्ध के समान है।”
सैन्य अधिकारी ने कहा कि पीएलए सैनिकों को प्रशिक्षित करना, युद्ध की स्थिति में तैयारी करना और ताइवान की स्वतंत्रता के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। साथ ही पुनर्एकीकरण को बढ़ावा देगी और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सेना चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपने कर्तव्यों का दृढ़ता से पालन करेगी।
इससे पहले दिन में चीनी रक्षा मंत्री डोंग जून ने शांगरी-ला डायलॉग के इतर अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के साथ बातचीत की। दोनों नेताओं ने ताइवान जलडमरूमध्य में चीन की नवीनतम गतिविधियों, यूक्रेन के आसपास की स्थिति और अंतरिक्ष पर चर्चा की।
गौरतलब है कि ताइवान 1949 से चीन से स्वतंत्र रूप से शासित है। चीन इस द्वीप को अपने प्रांत के रूप में देखता है जबकि ताइवान – अपनी स्वयं की निर्वाचित सरकार वाला एक क्षेत्र – का कहना है कि यह एक स्वायत्त देश है। चीन ताइवान के साथ अन्य देशों के किसी भी आधिकारिक संपर्क का विरोध करता है और द्वीप पर चीनी संप्रभुता को निर्विवाद मानता है।

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