लखनऊ
लखनऊ के लोकभवन में संविधान दिवस के दिन एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय यानी लोकभवन में दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ ब्रजेश पाठक मौजूद थे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव अंबेडकर के द्वारा रचित संविधान की सराहना करते हुए उसकी प्रस्तावना को जीने का आधार बताया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान ही देश के सभी लोगों को एक समान होने का निर्देश देता है, जबकि संविधान के दायरे में कोई विशिष्ट नहीं होता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान की उद्देशिका को याद करते हुए कालांतर में हुए कुछ घटनाओं का भी ज़िक्र किया.
सेक्युलर और सोशलिस्ट शब्द चुपके से जोड़े गए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान को आधार बताते हुए 140 करोड़ जनता को जोड़ने वाला दस्तावेज़ बताया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले संविधान में सेक्युलर और सोशलिस्ट शब्द नहीं थे. इनको चुपके से पूर्ववर्ती सरकार ने जोड़ा था.
संविधान का अमृतवर्ष मनाएगी सरकार
26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. ऐसे में आज 75 साल होने के उपलक्ष्य में संविधान का अमृत वर्ष मनाने और जनता को संविधान के प्रति जागरुक करने का आह्वान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. ये जागरुकता कार्यक्रम पूरे साल भर चलेगा.

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