नई दिल्ली
ओरैकल (Oracle) ने भारत में करीब 12 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. यहां नौकरी से निकालने की पीछे की वजह AI को बताया गया है. इसी बीच परप्लेक्सिटी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का एक बयान चर्चा में है।
अरविंद श्रीनिवास ने हाल ही में जारी ऑल इन पॉडकास्ट पर कहा है कि AI की वजह से नौकरी गंवाने वालों को इसे एक मौके की तरह देखना चाहिए और अपना खुद का काम शुरू करना चाहिए।
पॉडकास्ट के दौरान कहा कि कुछ समय के लिए नौकरी का नुकसान होगा लेकिन AI टूल्स लोगों को मिनी बिजनेस शुरू करने का मौका देता है. साथ ही कमाई के नए रास्ते बनाने की सुविधा देता है।
अरविंद श्रीनिवास ने डिटेल्स में बताते हुए कहा है कि असल बात यह है कि बहुत से लोग अपनी नौकरी से खुश नहीं हैं. अब एक नई संभावना और नया मौका सामने आया है कि इन टूल्स को सीखें और अपना छोटा बिजनेस शुरू करें।
सीईओ के इस बयान पर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई है. कई लोगों ने कहा कि अपना बिजनेस शुरू करना आसान नहीं होता है. हालांकि कुछ लोगों ने इस सोच का समर्थन भी किया है।
एक्सपर्ट ने बताया 5 साल में इतनी नौकरी जाने की आशंका
कई एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले 5 साल में सिर्फ अमेरिका में ही AI करीब 90 लाख नौकरियों पर असर डालेगा. इनमें प्रोग्रामिंग, वेब डिजाइन और डेटा साइंस जैसी नौकरी पर असर पड़ेगा. वहीं, इंडस्ट्री लीडर्स ने भी यह वॉर्निंग दी है कि बेरोजगारी का स्तर 30% से भी ज्यादा तक पहुंच सकता है।
आने वाले दिनों में और लोगों को निकालेगा Oracle
ओरैकल ने अभी करीब 12,000 कर्मचारियों से निकाला है. आने वाले दिनों यह संख्या और बढ़ेगी. असल में यह कंपनी की बड़ी छंटनी का हिस्सा है और कंपनी ग्लोबली 30 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाएगी।
ओरेकल कंपनी क्या है?
ओरैकल, असल में एक अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी है. ये कंपनी मुख्य रूप से डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, क्लाउंड कंप्यूटर और एंटरप्राज सॉफ्टवेयर प्रोवाइड कराती है. इसकी शुरुआत साल 1977 में हुई थी, जिसको लैरी एलिसन ने अपने साथियों के साथ मिलकर शुरू किया था।

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