जमीन विवाद में एडवोकेट रतन सिंह की दिनदहाड़े हत्या: पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार

जमीन विवाद में एडवोकेट रतन सिंह की दिनदहाड़े हत्या: पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता-पुत्र को किया गिरफ्तार

भितरवार 
ग्वालियर जिले के भितरवार कस्बे में सोमवार दोपहर जमीनी रंजिश के चलते अधिवक्ता रतन सिंह यादव (60 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात की सूचना मिलते ही भितरवार पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुख्य आरोपी पिता राकेश यादव और उसके पुत्र राहुल यादव को चंद घंटों के भीतर दबोच लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है.

 वारदात की पूरी घटना और वजह

घटना सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे डबरा रोड स्थित आशा भोजनालय के पास हुई, जहां अधिवक्ता रतन सिंह यादव मौजूद थे. इसी दौरान उनके चचेरे भाइयों और रिश्तेदारों से विवाद शुरू हो गया. बहस इतनी बढ़ी कि हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे उन्हें गर्दन, छाती और कमर में तीन गोलियां लगीं. उन्हें गंभीर हालत में तुरंत ग्वालियर अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह हरसी रोड स्थित पटिया वाले पार्क के पास करीब डेढ़ से दो बीघा विवादित भूमि है, जिसको लेकर रतन सिंह यादव का उनके चचेरे भाइयों से कोर्ट में लंबा विवाद चल रहा था. इसी पुरानी रंजिश के चलते चचेरे भाई और भतीजे ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. इस सनसनीखेज हत्याकांड की खबर मिलते ही भितरवार अभिभाषक संघ में भारी आक्रोश फैल गया और वकीलों ने थाने का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

5 लोगों पर केस: 2 गिरफ्तार, 1 फरार

भितरवार पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है:

हत्या का केस: मुख्य आरोपी राकेश किरार (यादव) और राहुल किरार (यादव) को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीसरे आरोपी गब्बर सिंह रावत की तलाश जारी है.

साजिश का केस: हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में दो अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.

 पुलिस टीम की मुस्तैदी और दबिश

यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मवीर सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Asp) जयराज कुबेर के निर्देशन एवं एसडीओपी गगन हनवत के मार्गदर्शन में भितरवार थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाहा और उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई. घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अलग-अलग टीमें बनाईं और तत्काल क्षेत्र में रवाना कीं. पुलिस टीमों द्वारा जगह-जगह दबिश दी गई और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को चंद घंटों में ही आरोपियों को दबोचने में बड़ी सफलता मिली.

 मामले पर एसडीओपी गगन हनवत का आधिकारिक बयान

घटना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर भितरवार एसडीओपी गगन हनवत ने बताया:

"हमें दोपहर करीब 12:30 बजे सूचना प्राप्त हुई थी कि भितरवार-डबरा रोड पर आशा भोजनालय के पास अधिवक्ता रतन सिंह यादव पर हमलावरों ने फायरिंग कर दी है. उन्हें गंभीर हालत में ग्वालियर अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. मृतक अधिवक्ता का उनके ही कुछ रिश्तेदारों के साथ डेढ़-दो बीघा जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीमें गठित की गईं. पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी पिता राकेश यादव और पुत्र राहुल यादव को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया है और हथियार भी बरामद कर लिया है. फरार आरोपी गब्बर सिंह रावत की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा."