मेरठ
मेरठ पुलिस प्रशासन ने आगामी ईद और अलविदा जुमे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ईदगाह कमेटी और मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडे ने निर्देश दिए हैं कि ईद की नमाज किसी भी हाल में सार्वजनिक सड़क पर अदा नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में खलल डालने का प्रयास करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ पासपोर्ट जब्ती और सख्त मुकदमेबाजी जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, शहर की 544 मस्जिदों और 140 ईदगाहों की सुरक्षा के लिए पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है. ड्रोन कैमरों और 112 की गाड़ियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. शरारती तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
शरारती तत्वों को SSP की सीधी चेतावनी
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि 99 प्रतिशत लोग शांतिप्रिय होते हैं, लेकिन मुट्ठी भर अपराधी किस्म के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. यह सख्त संदेश उन्हीं लोगों के लिए है जो कानून हाथ में लेंगे. उन्होंने बताया कि शहर काजी के साथ बैठक बहुत अच्छे माहौल में हुई है और सभी को पुराने निर्देशों के बारे में दोबारा बता दिया गया है. पुलिस का लक्ष्य बहुत स्पष्ट है- शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराना और किसी भी बाधा को जीरो टॉलरेंस के साथ निपटाना।
ड्रोन से निगरानी और भारी पुलिस बल तैनात
सुरक्षा के लिहाज से मेरठ को सेक्टर और ज़ोन में बांटा गया है. एसएसपी ने बताया कि निगरानी के लिए 6 एक्टिव ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं. नमाज के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एसपी ट्रैफिक को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि 112 और फायर टेंडर की गाड़ियां भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी. प्रशासन ने बिजली, पानी और नाले की सफाई से जुड़ी 90 प्रतिशत समस्याओं का निराकरण कर दिया है ताकि नमाजियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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