जालौर.
लोकसभा चुनावों की आचार संहिता 4 जून तक लागू रहेगी लेकिन राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच जल व विद्युत संकट ने आम लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। जालौर विधायक जोगेश्वर गर्ग ने जल संकट को देखते हुए निर्वाचन आयोग से आदर्श आचार संहिता में छूट दिए जाने की मांग की है।
राजस्थान में सभी 25 लोकसभा सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुके हैं। मई के महीने से यहां गर्मी और जल संकट दोनों बढ़ने शुरू हो जाते हैं।
साथ ही गर्मी के साथ-साथ विद्युत संकट भी बढ़ना शुरू हो जाता है। ऐसे में अब जल और विद्युत संकट से बचने के लिए आदर्श आचार संहिता में छूट देकर पेयजल की व्यवस्था करने की मांग तेज होने लगी है। इसी के चलते जालौर के विधायक व राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन विभाग, राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर आदर्श आचार संहिता में छूट दिए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है और मतगणना के लिए अभी सवा महीने का समय शेष है, तब तक प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू रहने वाली है। ऐसे में भीषण गर्मी के चलते पेयजल की आपूर्ति एक चुनौती होती है। गर्मी के कारण होने वाले जल संकट से निपटने के लिए सरकार को तत्काल निर्णय करते हुए नए नलकूप, हैंडपंप बनाने और नई पाइपलाइन डालने जैसे अनेक कार्य जनहित में बेहद जरूरी हो जाते हैं लेकिन आदर्श आचार संहिता के कारण अगले अगले सवा महीने तक यह सब कर पाना संभव नहीं होगा। विधायक जोगेश्वर गर्ग ने लिखा है कि गर्मी के मौसम में विद्युत आपूर्ति भी चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक गर्मी से राहत के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाना जरूरी हो जाता है। इसलिए जनहित के इन कामों को करवाने के लिए निर्वाचन आयोग इजाजत दे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में दोनों चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है और गर्मी के मौसम को देखते हुए जल एवं विद्युत आपूर्ति अति आवश्यक सेवा की श्रेणी में आती है। इसके अलावा जनहित में विकास कार्य भी आवश्यक होता है। इसलिए ऐसे काम जिनसे राजस्थान के अलावा अन्य प्रदेशों के मतदाता प्रभावित नहीं होते हों, उन कार्यों को किए जाने की छूट मिलना जरूरी है।

More Stories
ऑनलाइन बैठकों में अब नहीं चलेगी लापरवाही, योगी सरकार ने तय की सख्त जवाबदेही
गुरु पूर्णिमा पर शिष्य और गुरु, दोनों भूमिका में दिखेंगे सीएम योगी
जेई-एईएस को लेकर अलर्ट हुई योगी सरकार, प्रभावित हर गांव तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल