खंडवा
ओंकारेश्वर के मांधाता थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात नकाबपोश बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सुबह करीब 3:30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश एक महिला के घर में घुसे और लूट करने लगे। महिला की नींद खुली तो बदमाशों ने उसके कंधे पर धारदार हथियार रखकर बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। डर के माहौल में महिला चुप रही और बदमाश घर में रखी नगदी, सोने-चांदी के जेवर तथा बच्चों की गुल्लकों में जमा करीब 50 हजार रुपये की रकम भी लूट ले गए।
बदमाशों ने सिर्फ एक ही घर नहीं, बल्कि अपार्टमेंट के 4–5 अन्य घरों के ताले तोड़ने की भी कोशिश की। वारदात के दौरान उन्होंने बाकी घरों के दरवाजे बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिए, ताकि कोई बाहर निकलकर मदद न कर सके। जानकारी के अनुसार घटना एनएचडीसी कालोनी में हुई। यहां इंदिरा सागर परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। कालोनी में कमिश्नर स्तर तक के अधिकारी भी रहते हैं।
पहले भी कई हो चुकी चोरी की घटनाएं
कालोनीवासियों का कहना है कि पहले भी यहां कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। इससे नाराज लोग शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में मांधाता थाना पहुंचे और हंगामा किया।पीड़ित महिला के अनुसार, उनके पति धर्मेंद्र तंवर रात करीब दो बजे ड्यूटी पर गए थे।
उन्होंने परिवार को नींद से न जगाते हुए बाहर जाते समय दरवाजे की कुंडी बाहर से लगा दी थी। करीब 3:30 बजे अलमारी और लाकर टूटने की आवाज से महिला की नींद खुली तो देखा कि तीन नकाबपोश बदमाश घर में मौजूद थे। उन्हें देखते ही एक बदमाश ने उनके कंधे पर चाकू रखकर बच्चों को मारने की धमकी दी। डर के कारण उन्होंने शोर नहीं मचाया। बदमाश करीब 25 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर और बच्चों की गुल्लक में रखी रकम लेकर फरार हो गए।

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रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240