हुबली
अगर कुछ करने का जुनून हो और सही दिशा में काम किया जाए, तो सफलता कदमों में होती है. इस सफलता को पाने के लिए कितना भी गिरना फिर उठना, फिर उठकर चलना पड़े, सफलता पाने तक चलते रहना चाहिए. ऐसे ही कहानी विजेता बी होसामानी (Vijeta B Hosamani) की है, जिन्होंने तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन निराश हाथ लगी. लेकिन फिर भी वह निराश होकर रूकी नहीं और फिर चौथी बार यानी वर्ष 2023 में सफलता पाईं और उन्होंने 100 रैंक हासिल की हैं.
कर्नाटक के हुबली की रहने वाली विजेता बी होसामानी (Vijeta B Hosamani) ने 2023 की संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 100 हासिल की हैं. 27 वर्षीया विजेता का यह चौथा प्रयास था. उन्हें पहले तीन प्रयासों के बाद मुझे एहसास हुआ कि प्रीलिम्स परीक्षा केवल नॉलेज टेस्ट करने के बारे में नहीं है, बल्कि मुझे बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करने की योग्यता भी विकसित करनी होगी. अपने नॉलेज को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय परीक्षा के विभिन्न चरणों में जाने का सही तरीका ढूंढने से मुझे सफलता हासिल करने में मदद मिली.
साधारण बैकग्राउंड से ताल्लुक रखने वाली होसामानी को सिखाया गया था कि स्वयं से परे देखें और किसी भी क्षमता में समाज की सेवा करें. मैं हमेशा से जानती थी कि मुझे इसका पालन करना होगा और इसे हासिल करने के लिए मैंने लॉ की पढ़ाई की. कहीं न कहीं मुझे एहसास हुआ कि मेरा जुनून लिटिगेशन से नहीं बल्कि सिविल सर्विसेज से पूरा होगा. इसके बाद उन्होंने वर्ष 2020 में अपना पहला प्रयास देने का फैसला किया.
यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद होसामानी बहुत खुश थी क्योंकि उनकी कड़ी मेहनत सफल हो गई थी और अब उन्हें देश की सेवा करने का मौका मिलेगा. वह बताती हैं कि मेरी रैंक को देखते हुए मुझे उम्मीद है कि मुझे भारतीय राजस्व सेवा (IRS) मिलेगी. मैंने इसे अपनी दूसरी प्राथमिकता के रूप में चुना. मेरी पहली प्राथमिकता भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) है.

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