रायपुर
रायपुर का पहला कमिश्नर कौन होगा इस पर सस्पेंस बना हुआ है। 15 अगस्त 2025 को रायपुर में कमिश्नरी सिस्टल लागू होने की घोषणा के बाद संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही नाम तय हो जाएगा। बता दें कि 31 दिसंबर को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 जनवरी से कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की घोषणा की है।
Raipur Commissioner: चल रही कमिश्नर की तलाश
सरकार का प्रयास है कि इससे पहले ही कमिश्नर के नाम पर मुहर लग जाए। इसके लिए 7 आईजी स्तर के अधिकारियों को प्रस्तावित सूची में रखा गया है। एक्ट में संशोधन करने 31 दिसंबर को कैबिनेट की बैठक के बाद कमिश्नर की तलाश चल रही है। साथ ही कमिश्नर को मजिस्ट्रियल पॉवर के साथ ही पुलिङ्क्षसग को लेकर महत्वपूर्ण अधिकार देने एक्ट में संशोधन किया गया है। ताकि शस्त्र लाइसेंस, धारा 144 लागू करने और जरूरत के अनुसार कफ्र्यू, आपात स्थिति में तुरंत आदेश जारी करने और सिस्टम में फेरबदल किया जा सके।
रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए बिलासपुर के आइजी संजीव शुक्ला के साथ दो और नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इनमें वरिष्ठ आइपीएस बद्री नारायण मीणा और दीपक कुमार झा शामिल हैं। बद्री नारायण मीणा पूर्व में रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ सख्त कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं। वहीं दीपक कुमार झा भी फील्ड पोस्टिंग और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। इससे पहले आइपीएस अजय यादव, सुंदरराज पी, अमरेश मिश्रा समेत अन्य नाम भी कमिश्नर की दौड़ में शामिल रहे हैं।
सरकार क्या चाहती है
पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार ऐसे अधिकारी को कमिश्नर बनाना चाहती है, जो नई व्यवस्था के शुरुआती दौर में इसे मजबूती से स्थापित कर सके। हालांकि यह भी चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों ने रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण पुलिस कमिश्नर के सीमित अधिकार क्षेत्र बताए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत कमिश्नर का अधिकार केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित रहेगा, जिसमें करीब 22 पुलिस थाने शामिल होंगे, जबकि शेष ग्रामीण क्षेत्र के 11 थानों के लिए एसएसपी तैनात करने की अलग व्यवस्था होगी।
एडिशनल कमिश्नर के लिए लाल उम्मेद बने पहली पसंद
एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद के लिए रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह शासन की पहली पसंद माने जा रहे हैं। उन्हें पदोन्नत कर इस जिम्मेदारी पर बैठाया जा सकता है। माना जा रहा है कि कमिश्नरेट को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुभवी और मजबूत टीम बनाई जा रही है, जिसमें डा. सिंह की भूमिका अहम होगी।
इनके नाम पर विचार
कमिश्नर के लिए रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा, बिलासपुर के संजीव शुक्ला, दुर्ग के रामगोपाल गर्ग, सरगुजा के दीपक झा और आईजी पीएचक्यू अजय यादव का नाम प्रमुखता के साथ चल रहा है। वहीं, ओपी पाल और आनंद छाबड़ा के नाम भी प्रस्तावित किए गए हैं। उक्त अधिकारियों में किसी एक को कमिश्नर बनाया जाएगा। इसके लिए उच्चस्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है।
900 अतिरिक्त बल की तैनाती
Raipur Commissioner: नए सिस्टम में आईजी को कमिश्नरी की कमान देने के साथ ही दो एसएसपी, 5 एएसपी, 18 डीएससी के साथ ही फील्ड में 800 से ज्यादा अतिरिक्त जवानों की पोस्टिंग होगी। वहीं, पुलिस थानों की संख्या में इजाफा कर 5 अतिरिक्त थाना और 3 पुलिस चौकी का गठन होगा। बता दें कि इस समय रायपुर शहर और ग्रामीण को मिलाकर 38 पुलिस थाने हैं। इसमें साइबर, ट्रैफिक और अजाक थाना भी शामिल है।
दफ्तर और वाहन की व्यवस्था
पुराने पीएचक्यू में दफ्तर और कमिश्नर के लिए कार की व्यवस्था राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई है। वहीं, दफ्तर के लिए पुलिस महकमे के तमाम विभागों को कनेक्ट किया गया है। कमिश्नर के ज्वाइन करते ही ऑटो मोड में सिस्टम काम करने लगेगा।
23 जनवरी से लागू होगी व्यवस्था
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने करीब छह महीने पहले की थी। इसके लिए आइपीएस प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में गठित टीम ने ओडिशा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया था। तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और 23 जनवरी से रायपुर में नई व्यवस्था लागू होगी। इसी दिन कमिश्नर कार्यालय के उद्घाटन की भी संभावना है।
कई जिलों में बदल सकते हैं एसपी-एसएसपी
पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू होने से पहले आइपीएस अफसरों के तबादलों को लेकर भी पीएचक्यू में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कवर्धा में पदस्थ एसपी धर्मेंद्र सिंह चवाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर भेजे जाने की संभावना है। वहीं तमनार हिंसा के बाद सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का नया एसएसपी बनाया जा सकता है। वहीं दुर्ग से कोरबा में विजय अग्रवाल, दुर्ग में डा. संतोष सिंह, मुंगेली में हरीश राठौर, बेमेतरा में भावना पांडेय, रामकृष्ण साहू को सूरजपुर, भोजराम पटेल को सारंगढ़-बिलागढ़ में तैनाती के संकेत हैं। प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

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