हापुड़
यूपी के हापुड़ जिले के सिंभावली में नोएडा एसटीएफ और यूपी पुलिस ने बिहार के कुख्यात अपराधी डब्लू यादव को मार गिराया. डब्लू यादव पर बिहार में 24 से अधिक संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह 50 हजार रुपये के इनाम का घोषित अपराधी था.
डब्लू यादव, मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना अंतर्गत ज्ञानडोल गांव का निवासी था. वह पिछले डेढ़ दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और उसका नाम बेगूसराय के अपराधियों की सूची में सबसे ऊपर रहा है.
संगीन वारदातों का लंबा इतिहास
डब्लू यादव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, रंगदारी, अवैध हथियार रखना, गवाही देने वालों पर हमला, अपहरण जैसे कुल 24 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे. इनमें से 22 मुकदमे सिर्फ बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में दर्ज हैं. इसके अलावा एक मुकदमा बलिया (उत्तर प्रदेश) और एक मुंगेर (बिहार) में दर्ज है.
उसका गैंग बेगूसराय में वर्षों से सक्रिय था और यह गैंग जिला स्तर पर हत्या, जबरन वसूली और अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल रहा है. पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, डब्लू यादव एक सुनियोजित गैंग ऑपरेटर था जो डर और हिंसा के बल पर इलाके में अपना प्रभाव बनाए रखता था. हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम पार्टी) के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार यादव उर्फ राकेश कदम को दिनांक 24 मई 2025 को अगवा कर दियारा क्षेत्र में ले जाकर उनकी हत्या कर शव को बालू में गाड़ दिया गया था. इस मामले में भी डब्लू यादव पर केस दर्ज है.
इसके अलावा डब्लू यादव पर यह भी आरोप था कि उसने एक मुकदमे में गवाही देने के कारण 2017 में महेंद्र यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस केस में थाना साहेबपुर कमाल में मुकदमा दर्ज है. उस पर डकैती, अपहरण और जबरन वसूली के 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. जिनमें कई बार स्थानीय व्यवसायियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को धमकाकर रंगदारी वसूली गई थी.
हथियारों से गहरा रिश्ता
डब्लू यादव के खिलाफ लगभग एक दर्जन मुकदमे अकेले आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हैं. ये मामले अवैध हथियार रखने, उसका उपयोग करने और सार्वजनिक स्थान पर गोली चलाने से जुड़े रहे हैं. पुलिस के अनुसार, उसके पास हमेशा एक टीम रहती थी जो उसे सुरक्षा देने के साथ-साथ हमला करने में भी सहयोग करती थी.
खौफ का पर्याय बन चुका था डब्लू यादव
बेगूसराय और आसपास के क्षेत्रों में डब्लू यादव का नाम लोगों के बीच खौफ और दहशत से जुड़ा हुआ था. उस पर आरोप था कि वह राजनीतिक रसूख और लोकल नेटवर्क का उपयोग कर लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर बना रहा.
इतना ही नहीं, पुलिस रिकॉर्ड यह भी दर्शाते हैं कि उसके खिलाफ कई ऐसे मामले थे जिनमें गवाहों को धमकाया गया, मुकदमों को प्रभावित किया गया या पीड़ितों को प्रताड़ित किया गया.
पुलिस का आधिकारिक बयान
नोएडा एसटीएफ द्वारा जारी बयान के अनुसार दिनांक 27/28-07-2025 की रात सिंभावली थाना क्षेत्र में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान कुख्यात अपराधी डब्लू यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया था. उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. उसके पास से भारी मात्रा में हथियार व कारतूस बरामद हुए हैं. वह बिहार पुलिस को कई मामलों में वांछित था और 50,000 रुपये का इनामी था.

More Stories
सीएम योगी का बड़ा ऐलान: शिक्षामित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मासिक मानदेय
पीहर जा रही विवाहिता की गैंगरेप के बाद हत्या, दोषियों को मिली फांसी की सजा
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश निर्णायक छलांग की ओर