अंडर-19 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने की दहलीज पर वैभव सूर्यवंशी, इन रिकॉर्ड्स पर टिकी नजर

नई दिल्ली
साउथ अफ्रीका के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज़ में तूफानी प्रदर्शन कर चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने को तैयार हैं। 15 जनवरी से शुरू हो रहे इस मेगा टूर्नामेंट में भारत की युवा टीम यूएसए के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। वैभव की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ आक्रामक है और उनके आंकड़े बताते हैं कि वह जहां भी खेले हैं, बड़े स्कोर किए हैं। ऐसे में अंडर-19 वर्ल्ड कप में उनसे कई बड़े रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद की जा रही है।

छक्कों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड खतरे में
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी पहचान उनकी बाउंड्री हिटिंग है। उनके कुल रनों का बड़ा हिस्सा चौकों और छक्कों से आता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक सीज़न में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड फिलहाल साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम है, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे। वैभव की आक्रामक शैली को देखते हुए माना जा रहा है कि यह रिकॉर्ड इस बार टूट सकता है।

स्ट्राइक रेट में नया कीर्तिमान संभव
अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड भारत के शिखर धवन के नाम है, जिन्होंने 2004 में 93.51 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी की थी। वैभव सूर्यवंशी आमतौर पर 150 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं। ऐसे में उनका यह आंकड़ा टूर्नामेंट में नया बेंचमार्क सेट कर सकता है और यह रिकॉर्ड भी इतिहास बन सकता है।

सबसे ज्यादा रन बनाने का भारतीय रिकॉर्ड
अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सरफराज खान के नाम दर्ज है, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच 566 रन बनाए थे। वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और बड़ी पारियां खेलने की आदत को देखते हुए यह रिकॉर्ड भी उनके निशाने पर है, खासकर अगर भारत टूर्नामेंट में आगे तक जाता है।

शतकों की संख्या में भी बदलाव संभव
इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल जैक बर्नहैम और शिखर धवन के नाम है, दोनों ने तीन-तीन शतक लगाए हैं। वैभव सूर्यवंशी का शतक लगाने का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। अगर वह अपने फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो शतकों की यह सूची भी बदल सकती है।

सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर पर नजर
अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर 191 रन का है, जो 2018 में हशिता बोयागोडा ने बनाया था। अब तक कोई भी बल्लेबाज़ इस टूर्नामेंट में दोहरा शतक नहीं लगा पाया है। वैभव सूर्यवंशी के पास न सिर्फ इस रिकॉर्ड को तोड़ने बल्कि इतिहास में पहला दोहरा शतक लगाने का भी सुनहरा मौका है।