नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई अहम शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। बातचीत के टूटते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका 'ईरान का जो थोड़ा बहुत बचा है, उसे भी खत्म कर देगा'।
यह वार्ता 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे उच्च स्तर की बातचीत मानी जा रही थी। लेकिन रविवार को यह बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका फिर से गहरा गई है। हालांकि फिलहाल दोनों देशों के बीच तुरंत किसी नए हमले की खबर नहीं है, लेकिन हालात नाजुक बने हुए हैं
दुनिया ने दी संयम बरतने की सलाह
वार्ता के टूटने के बाद दुनिया भर के नेताओं ने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे मौजूदा अस्थायी युद्धविराम का पालन करें और कूटनीतिक रास्ता अपनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देश बातचीत का रास्ता छोड़ते हैं, तो इससे पूरे पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों पर शांति बनाए रखने का दबाव बना रहा है।
अमेरिका ने दिया 'अंतिम प्रस्ताव'
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस वार्ता में शामिल थे और बातचीत खत्म होने के बाद पाकिस्तान से लौट गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सामने अपना 'अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव' रखा था। वेंस के मुताबिक, अमेरिका चाहता था कि बातचीत के जरिए समाधान निकले, लेकिन फिलहाल यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

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