इंदौर
इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार पर बरस पड़ी हैं। उमा भारती ने इस घटना को अपनी सरकार के लिए शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि माफी मांगनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए मुआवजे के ऐलान को लेकर कहा कि जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती है।
अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में अपनी सरकार से भी सवाल पूछने या नसीहत देने का कोई मौका नहीं चूकतीं। इंदौर में दूषित पानी से कई मौतों को उन्होंने सरकार और प्रदेश के लिए शर्म और कलंक करार दिया। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।’
मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है: उमा भारती
पूर्व सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उमा भारती ने राज्य सरकार की ओर से घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए पीड़ितों से माफी की मांग की और इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी भी बताया।
उमा भारती की मांग- माफी और अधिकतम दंड
चार बिंदु पर लिखे अपने संदेश के अंत में उमा भारती ने कहा,'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।' उन्होंने इस ट्वीट के साथ भाजपा के आधिकारिक हैंडल और सीएम मोहन यादव को भी टैग किया है।

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