नई दिल्ली
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर बुधवार को मुंबई पहुंचे। भारत पहुंचाते ही सबसे पहले उन्होंने इंफोसिस के सह-संस्थापक और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि से मुलाकात की। दरअसल कीर आधार कि तर्ज पर ही ब्रिटेन में डिजिटल पहचान प्रणाली कि योजना पर विचार कर रहे हैं। स्टार्मर के प्रवक्ता ने बताया कि नीलेकणी के साथ उनकी बैठक इंफोसिस के साथ किसी वाणिज्यिक समझौते के बारे में नहीं थी, बल्कि ब्रिटेन सरकार का लक्ष्य आधार योजना कि तर्ज पर अपना डिजिटल संस्करण तैयार करना है।
क्या चाहते हैं पीएम स्टारमर ?
ब्रिटिश पीएम स्टारमर ने अपनी मंशा जाहिर की है कि वे अपने देश में भी आधार की तर्ज पर स्मार्टफोन आधारित डिजिटल पहचान आईडी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। ब्रिटेन में ये शुरुआत पूरी तरीके से भारतीय तकनीक पर आधारित होगी। इस पहचान आईडी को बनाने का मुख्य उद्देश्य ब्रिटेन में गैरकानूनी रूप से आने वाले अप्रवासियों पर बंदिश लगाना है। स्टारमर के प्रवक्ता ने बताया इसलिए वो भारत जैसे देशों से बात कर रहे हैं जो पहले से इस तरह की डिजिटल आईडी सेवा को शुरू कर चुके हैं। बता दें भारत में 2009 में आधार सेवा शुरू की गई थी।
ब्रिटेन में हो रहा जमकर विरोध
जहां एक ओर ब्रिटिश पीएम स्टारमर भारत में आधार सेवा पर चर्चा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन में डिजिटल पहचान पत्र के प्रति समर्थन में भारी गिरावट आ रही है। विपक्षी दलों ने कहा है कि वे इस योजना का विरोध करेंगे। हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री अपनी योजना को लेकर बेहद उत्साहित हैं। मुंबई रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से कहा, "हम भारत जा रहे हैं, जहां पहले से ही पहचान पत्र जारी किया जा रहा है जहां उसे भारी सफलता मिली है। इसलिए मेरी एक बैठक पहचान पत्र से संबंधित होगी।"

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