भोपाल
मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस नवाचार करने वाली है। आगामी समय में यातायात पुलिस के अफसर चेक पोस्ट पर बॉडी-वॉर्न कैमरा (बीडब्ल्यूसी) पहने हुए तैनात किए जाएंगे। इससे उल्लंघन के डिजिटल सबूतों को कैद किया जा सकेगा। बीडब्ल्यूसी को शामिल करना ही एकमात्र अतिरिक्त सुविधा नहीं है। आधुनिक तकनीकी समाधान के जरिए मोबाइल चेकिंग यूनिट और मजबूत निरीक्षण प्रोटोकॉल की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।
सड़क परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि समर्पित मोबाइल निरीक्षण यूनिट के निर्माण को मंजूरी दी गई है। बीडब्ल्यूसी चेक पोस्ट पर भी होंगे। वे पुलिस और प्रशासन सहित अन्य विभागों के साथ समन्वय में काम करेंगे। पुलिस विभाग द्वारा पहले भी सीमित तरीके से बॉडी कैमरों का उपयोग किया जाता रहा है। बॉडी कैमरा फीड के उपयोग का विस्तार, ट्रैफिक निरीक्षण के दौरान घटनाओं की सटीक रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करेगा।
दुर्व्यवहार पर लगेगी रोक
भोपाल ट्रैफिक पुलिस के एडिशनल डीसीपी बसंत कौल ने कहा कि इस कदम से निरीक्षण के दौरान दुर्व्यवहार पर भी रोक लगेगी। कानून प्रवर्तन के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरों की तैनाती सबसे पहले भोपाल और ग्वालियर में होगी। दोनों शहरों में डेटा प्रबंधन के लिए एक कमांड एंड कंट्रोल यूनिट स्थापित की जाएगी। ये यूनिट सिस्टम संचालन और रखरखाव पर भी कर्मियों को तैनात करेगी।
लाइव स्ट्रीमिंग कंट्रोल सेंटर पर देखी जा सकेगी
शुरुआत में आने वाले हफ्तों में 45 सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन जांच बिंदु और 94 सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन मोबाइल जांच इकाइयों के चालू होने की उम्मीद है। सभी बॉडीकैम फीड्स पर टाइम स्टैम्प लगा होता है और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली (डीईएमएस) से जुड़े क्लाउड सर्वर पर बैकअप होता है। मानचित्र पर जीपीएस लोकेशन के साथ फील्ड पर तैनात बॉडीवॉर्न कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग कंट्रोल सेंटर पर देखी जा सकती है।

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